मिलेंगे 11हजार रूपये प्रति माह
कृषक प्रेमचंद कपाया की जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति प्रतिबद्धता बनी पहचान, अब प्रदेशभर के किसानों को देंगे प्रशिक्षण
जयपुर। मेहनत, नवाचार और खेती के प्रति समर्पण जब समाजहित की भावना से जुड़ता है तो एक किसान की पहचान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन जाती है। उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र के प्रगतिशील कृषक प्रेमचंद कपाया की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है।
माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में झाड़ोल में आयोजित रात्रि ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में प्रेमचंद कपाया ने जैविक, पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने के संबंध में अपने महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री की उदारता: संवाद करने वाले कृषक को बनाया ब्रांड एम्बेसडर
कृषक के अनुभव और सुझावों ने चौपाल में उपस्थित माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को प्रभावित किया। उनके निर्देशानुसार कृषि विभाग, राजस्थान सरकार ने प्रेमचंद कपाया को “किसान ब्रांड एम्बेसडर” एवं ट्रेनर के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया। यह उपलब्धि न केवल कपाया के लिए गौरव का विषय है, बल्कि प्रदेश के उन किसानों के लिए भी प्रेरणा है जो कृषि में नवाचार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदान किया नियुक्ति पत्र
उदयपुर में आयोजित कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रगतिशील कृषक प्रेमचंद कपाया को कृषि विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से “किसान ब्रांड एम्बेसडर” एवं ट्रेनर के रूप में नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
इस अवसर ने एक किसान की मेहनत और अनुभव को सरकारी स्तर पर पहचान मिलने की मिसाल कायम की। श्री कपाया अब अपने अनुभव और ज्ञान को केवल अपने खेत तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि प्रदेश के किसानों के बीच पहुंचाकर खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाने में योगदान देंगे।
अब प्रदेशभर में किसानों को देंगे प्रशिक्षण
“किसान ब्रांड एम्बेसडर” एवं ट्रेनर के रूप में श्री प्रेमचंद कपाया राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों को जैविक, पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करेंगे।
वे किसानों के साथ संवाद, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कार्यशालाओं के माध्यम से खेती की उन्नत एवं टिकाऊ तकनीकों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा कृषि में नवाचारों को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
इस कार्य के लिए रामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र, कोटा द्वारा उन्हें नियत मासिक 11,000 का मानदेय प्रदान किया जाएगा।
एक किसान की सफलता, हजारों किसानों के लिए प्रेरणा
प्रेमचंद कपाया की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि खेत में अर्जित व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव भी कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार बन सकता है। उन्होंने अपने अनुभवों को किसानों के हित में साझा करने का जो प्रयास किया, उसे राज्य सरकार ने पहचान दी और अब उन्हें प्रदेश के किसानों तक प्राकृतिक एवं जैविक खेती का संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उनकी यह यात्रा “किसान से किसान तक ज्ञान” के प्रभावी मॉडल को मजबूत करती है, जिसमें किसान स्वयं अपने अनुभवों के आधार पर दूसरे किसानों को प्रेरित एवं प्रशिक्षित करते हैं।
टिकाऊ खेती की दिशा में राजस्थान का मजबूत कदम
राजस्थान सरकार किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा टिकाऊ कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
प्रेमचंद कपाया की नियुक्ति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे प्रदेश में जैविक, पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती के प्रसार, किसानों को नवाचारों से जोड़ने तथा कृषि को अधिक टिकाऊ एवं समृद्ध बनाने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।
झाड़ोल की ग्राम विकास चौपाल से शुरू हुआ यह सफर अब प्रदेशभर के खेतों तक पहुंचेगा, जहां एक किसान का अनुभव, हजारों किसानों के लिए नई राह दिखाएगा।
कृषक प्रेमचंद की खुली किस्मत: मुख्यमंत्री से संवाद ने बनाया ब्रांड एम्बेसडर


