यह उत्पादन निगम के गठन से अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि रही – ऊर्जा मंत्री
जयपुर। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के विद्युतगृहों की कोयला आधारित कुल क्षमता 7580 मेगावाट क्षमता की 23 इकाईयों से 2 जून 2026 को उत्पादन निगम के गठन से लेकर अब तक का राज्य स्तर पर उच्चतम 7171 मेगावाट विद्युत उत्पादन करते हुए सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की थी। प्रदेश में वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा कार्य संभालते ही माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा ऊर्जा पर फोकस करते हुए उचित दिशा निर्देश दिए गए थे। इसमें विद्युत उत्पादन निगम ने भी पूर्व में इकाइयों के अंतर्गत चली आ रही तकनीकी खामियों को दूर करते हुए इकाइयों का चरणबद्ध तरीके से उचित रखरखाव करने से उत्पादन निगम के गठन के बाद से कोल आधारित इकाइयों से 94.60 प्रतिशत यूटिलाइजेशन के साथ अब तक का उच्चतम 7171 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के दिशा निर्देशन में प्रदेश में ऐतिहासिक विद्युत उत्पादन की राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल करने पर मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (इंडिया) द्वारा रिकॉर्ड श्रेणी में दर्ज कर आज 25 जून 2026 को विद्युत भवन में वैश्विक सम्मान पत्र प्रदान किया गया। यह वैष्विक अवार्ड हीरालाल नागर के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अभूतपूर्व प्रयासों को समर्पित करते हुए संयुक्त रूप से दिया गया है। राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक देवेन्द्र श्रृंगी को भी निगम की इस ऐतिहासिक विद्युत उत्पादन हासिल करने की उपलब्धि पर मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स संस्था के मैनेजर अरिहंत उपाध्याय एवं कोऑर्डिनेटर गरिमा जैन द्वारा रिकॉर्ड श्रेणी में दर्ज कर आज विद्युत भवन में वैश्विक सम्मान पत्र सौंपा गया।
ऊर्जा मन्त्री हीरालाल नागर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ऊर्जा विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होनेे बताया कि राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के विद्युतगृहों ने 7580 मेगावाट क्षमता की सभी 23 थर्मल इकाइयों से 7171 मेगावाट का उच्चतम विद्युत उत्पादन दर्ज किया था। उन्होने बताया कि दिनांक 2 जून 2026 को ही सूरतगढ़ थर्मल विद्युतगृह की सभी 8 इकाइयों कुल क्षमता 2820 मेगावाट द्वारा भी अब तक का सर्वश्रेष्ठ 2790 मेगावाट उत्पादन किया गया है।
ऊर्जा सचिव सुश्री आरती डोगरा ने राज्य स्तर पर सर्वाधिक विद्युत उत्पादन की उपलब्धि को रिकॉर्ड श्रेणी में दर्ज होने पर बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशन में कार्य करते हुए बेहतर रखरखाव, कुशल वार्षिक अनुरक्षण तथा श्रेष्ठ संचालन के कारण विद्युत उत्पादन ने यह शानदार सफलता हासिल की है।
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक देवेन्द्र श्रृंगी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर कर विद्युतगृहों के सभी अभियंताओं एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए बताया कि निगम के कर्मचारियों की देखरेख एवं अनवरत मेहनत के कारण ही इकाईयों द्वारा निरंतर उत्पादन किया जा रहा है।
इस अवसर पर जोधपुर डिस्कॉम के एमडी डॉ. भंवर लाल, उत्पादन निगम के सभी निदेशक, जयपुर डिस्कॉम के निदेशक सहित ऊर्जा विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश की 7580 मेगावाट क्षमता की इकाईयों से 7171 मेगावाट के सर्वाधिक विद्युत उत्पादन राज्य स्तर पर रिकॉर्ड श्रेणी में दर्ज

