नई दिल्ली । T20 विश्व कप चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम को अपने पहले ही मैच में आयरलैंड के ख़िलाफ़ हार का सामना करना पड़ा। आयरलैंड ने T20 क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम को हराया है। आयरलैंड की इस जीत में जय मूंद्रा और मैट होलार्ड ने अहम भूमिका निभाई। डेब्यू कर रहे दोनों गेंदबाज़ों ने क्रमश: तीन और दो विकेट लिए और आयरलैंड को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए आयरलैंड की टीम ने पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन कप्तान लॉर्कन टकर (50 रन) और गेरेथ डेलेनी (49 रन) की पारियों ने टीम को 182 के अच्छे स्कोर तक पहुंचने में मदद की।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की तरफ़ से अभिषेक शर्मा ने 20 गेंदों में 50 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज़ टिककर नहीं खेल पाया। दूसरे ही ओवर में मूंद्रा ने अपने डेब्यू मैच की पहली गेंद पर संजू सैमसन का विकेट लिया। इसके बाद इशान किशन भी तीसरे ही ओवर में होलार्ड के स्पैल की दूसरी गेंद पर कैच आउट हो गए।
पावरप्ले के आख़िरी ओवर की पहली गेंद पर होलार्ड ने कप्तान श्रेयस अय्यर को भी पवेलियन भेज दिया। यहां तक ऐसा लग रहा था कि मैच में अभी भी भारत का नियंत्रण है, लेकिन विकेटों का पतन यहीं नहीं थमा। आठवें ओवर में जैसे ही अभिषेक का विकेट गिरा, उसके बाद विकेटों का पतझड़ आ गया। 100 के स्कोर तक भारत ने अपना छठा विकेट गंवा दिया।
अक्षर पटेल और शिवम दुबे के बीच 35 रनों की साझेदारी ने भारत की उम्मीदों को थोड़ा ज़रूर जगाया था, लेकिन 16वें ओवर में मूंद्रा ने दुबे को आउट करते हुए करारा झटका दिया। उसके बाद अगले ही ओवर में डेलेनी ने अक्षर को आउट करते हुए भारत को रनचेज़ में पूरी तरह से पीछे छोड़ दिया।
आयरलैंड की तरफ़ से मैथ्यू हम्फ़्रीज़ ने तीन विकेट लिए। उनके अलावा होलार्ड ने तीन और मूंद्रा ने दो बेहद अहम विकेट झटके। इसका परिणाम यह रहा कि आयरलैंड की टीम ने किसी भी फ़ॉर्मैट में पहली बार भारतीय टीम को हराया।
वहीं, बल्लेबाज़ी के दौरान मेज़बान टीम के बल्लेबाज़ों ने प्रसिद्ध कृष्णा के चार ओवरों में 57 रन बटोरे। प्रसिद्ध ने अपनी पिछली दो T20I पारियों में कुल 125 रन लुटाए हैं। उन्होंने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 68 रन और आज आयरलैंड के ख़िलाफ़ 57 रन दिए।
यह पुरुष T20I क्रिकेट में लगातार दो पारियों में किसी भी गेंदबाज़ द्वारा दिए गए सबसे ज़्यादा रन हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड गाम्बिया के मूसा जोबार्तेह के नाम था, जिन्होंने 2024 में लगातार दो मैचों में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ 93 और अगले मैच में (तीन ओवर में) 31 रन देकर कुल 124 रन ख़र्च किए थे।
आठवें ओवर में 51 के स्कोर पर चार विकेट गंवाने के बाद टकर और डेलेनी टीम के स्कोर को 115 तक लेकर गए। 16वें ओवर में डॉकरेल और डेलेनी ने वॉशिंगटन सुंदर के ख़िलाफ़ 19 रन बटोरे। इसके बाद 17वें ओवर में प्रसिद्ध के स्पैल के आख़िरी ओवर में 27 रन बटोरे गए। इन्हीं दो ओवरों में यह तय हो गया कि एक ट्रिकी पिच पर आयरलैंड की टीम आसानी से सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच रही है।
अंत में टीम ने 181 रन बनाए, जो भारतीय टीम के लिए 34 रन ज़्यादा साबित हुए।
पिछले तीन T20 विश्व कप जीतने वाली टीमों को टूर्नामेंट के बाद अपने पहले ही T20I मैच में हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 2024 के विश्व कप के बाद भारत को ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ हार का सामना करना पड़ा था, जबकि इंग्लैंड को 2022 की T20 विश्व कप जीत के बाद 2023 में बांग्लादेश के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
मूंद्रा, होलार्ड और टकर ने आयरलैंड को दिलाई ऐतिहासिक जीत


