जयपुर। राजस्थान में आगामी नर्सिंग ऑफिसर और एएनएम (ANM) भर्ती प्रक्रिया के नियमों को लेकर संविदा नर्सिंगकर्मियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार को राजधानी जयपुर स्थित जयपुरिया अस्पताल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी मांगों को लेकर तीन संविदा नर्सेज नेता परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संविदा नर्सेज नेता बिमल शर्मा, रॉबिन शर्मा और आशा मीणा पानी की टंकी पर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
मुख्य मांग: संविदा कर्मचारियों की मांग है कि आगामी भर्ती प्रक्रिया को पुरानी भर्तियों की तर्ज पर ‘मेरिट + बोनस अंक (10, 20, 30 अंक)’ के आधार पर ही आयोजित किया जाए।
हतोत्साहित हैं कर्मचारी: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से अपनी मांग को लेकर मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई न होने के कारण उन्हें यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
12 हजार नर्सिंग ऑफिसर और 7 हजार एएनएम पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांगप्रदर्शनकारी नर्सेज ने आरोप लगाया कि वे NHM, NRHM, UTB, प्लेसमेंट एजेंसी, PPP मोड, 108/104-ममता, MMU और जनता क्लिनिक जैसे विभिन्न विभागों एवं योजनाओं में पिछले 8 से 10 वर्षों से बेहद कम मानदेय (वेतन) पर नियमित कर्मचारियों की तरह सेवाएं दे रहे हैं।
अनुभव का लाभ (बोनस अंक): राजस्थान चिकित्सा नियम, 1965 तथा वर्ष 2013, 2018 और 2023 की भर्तियों की तर्ज पर कार्यानुभव के आधार पर 10, 20 और 30 बोनस अंक दिए जाएं।
नई भर्ती की विज्ञप्ति: 12,000 नर्सिंग ऑफिसर तथा 7,000 एएनएम पदों पर जल्द से जल्द नियमित भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जाए।
स्थायी समाधान: वर्षों से अल्प वेतन पर काम कर रहे हजारों संविदा कर्मचारियों को नियमित कर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन पूरे राजस्थान में और अधिक उग्र रूप ले लेगा।
संविदा नर्सिंगकर्मियों का बड़ा प्रदर्शन: जयपुरिया अस्पताल में पानी की टंकी पर चढ़े तीन नर्स नेता


