80 से अधिक स्टॉल्स पर सजे हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र; स्थानीय उत्पादों की खरीदारी को मिला जबरदस्त प्रोत्साहन
जयपुर। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, जयपुर (शहर) द्वारा दीपावली के पावन अवसर पर 22 गोदाम स्थित परिसर में आयोजित दो दिवसीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा प्रदर्शनी ‘दीपावली उत्सव’ का आज उत्साहपूर्ण समापन हुआ। प्रदर्शनी के दौरान 2,500 से अधिक आगंतुकों ने सहभागिता की, जबकि 80 से अधिक स्टॉल्स के माध्यम से स्थानीय शिल्पकारों एवं बुनकरों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। अंतिम दिन भी शहरवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने विभिन्न स्टॉल्स पर उपलब्ध पारंपरिक एवं हस्तनिर्मित उत्पादों की जमकर खरीदारी की।
प्रदर्शनी में जयपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के शिल्पकारों और बुनकरों द्वारा तैयार किए गए विविध पारंपरिक उत्पाद प्रमुख आकर्षण रहे। बगरू एवं सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट, बंधेज, विश्वप्रसिद्ध जयपुर ब्लू पॉटरी, कुंदन-मीनाकारी आभूषण, काष्ठ शिल्प, तारकशी कला, पारंपरिक चित्रकलाएं, मिट्टी के बर्तन, गृह सज्जा सामग्री तथा दीपावली पूजन सामग्री को आगंतुकों ने विशेष रूप से पसंद किया। उत्पादों के प्रति लोगों की रुचि और उत्साहपूर्ण खरीदारी ने स्थानीय हस्तशिल्प की लोकप्रियता को प्रदर्शित किया।
‘वोकल फॉर लोकल’ को मिला प्रोत्साहन
‘दीपावली उत्सव’ का मुख्य उद्देश्य स्थानीय दस्तकारों एवं बुनकरों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराना, उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा उन्हें सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना रहा। इस पहल ने पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनी में 2,500 से अधिक आगंतुकों की सहभागिता और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी के प्रति उत्साह ने ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को और मजबूती प्रदान की।
दो दिवसीय आयोजन ने स्थानीय शिल्पकारों को अपनी कला, कौशल एवं रचनात्मकता प्रदर्शित करने के साथ-साथ अपने उत्पादों के विपणन एवं बिक्री के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया। आयोजन के प्रति आमजन की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय शिल्प परंपराओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, जयपुर (शहर) द्वारा आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिल्पकारों, बुनकरों एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
दीपावली उत्सव’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण समापन, 2,500 से अधिक आगंतुकों ने लिया हिस्सा


