नई दिल्ली। T20 विश्व कप 2026 के पहले सेमीफ़ाइनल में फ़िन ऐलन के रिकॉर्ड शतक की बदौलत न्यूज़ीलैंड ने साउथ अफ़्रीका को नौ विकेट और 43 गेंद शेष रहते हुए फ़ाइनल में जगह बना ली।
न्यूज़ीलैंड को 170 रनों का लक्ष्य मिला था और पहली पारी में पिच धीमी प्रतीत भी हुई थी लेकिन पावरप्ले में ही टिम साइफ़र्ट और ऐलन की जोड़ी ने मुक़ाबले को न्यूज़ीलैंड की पकड़ में पहुंचा दिया। दोनों ने पावरप्ले में 84 रन बटोरे जो कि इस T20 विश्व कप में पावरप्ले में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी था। साइफ़र्ट अर्धशतक बनाकर रबाडा का शिकार बन गए लेकिन तब तक न्यूज़ीलैंड के जीत महज़ औपचारिकता ही नज़र आ रही थी। ऐलन और साइफ़र्ट के बीच अब तक इस विश्व कप में कुल 463 रनों की साझेदारी हो चुकी है जो कि किसी भी पुरुष T20I सीरीज़ या टूर्नामेंट में किसी भी जोड़ी द्वारा की गई सर्वाधिक रनों की साझेदारी है।
ऐलन ने भी 19 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और T20 विश्व कप के नॉकआउट में सबसे तेज़ अर्धशतक बनाया, जो कि न्यूज़ीलैंड की ओर से इस टूर्नामेंट में सबसे तेज़ अर्धशतक भी है। यह पुरुष T20 विश्व कप नॉकआउट मुक़ाबले में किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा लगाया गया सबसे तेज़ अर्धशतक भी था, ऐसा करते हुए उन्होंने युवराज सिंह को पछाड़ दिया जिन्होंने 2007 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में 20 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा था। हालांकि यह तो सिर्फ़ रिकॉर्ड की शुरुआत थी। ऐलन ने अपना आक्रमण जारी रखा और साउथ अफ़्रीका का एक भी गेंदबाज़ उनके सामने परेशानी खड़ी नहीं कर सका।
ऐलन ने महज़ 33 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया और चौके के साथ उनके शतक पूरा करते ही न्यूज़ीलैंड ने जीत हासिल कर ली। यह पुरुष T20 विश्व कप इतिहास के नॉकआउट मुक़ाबले में लगाया गया पहला शतक भी था और इसके साथ ही यह इस टूर्नामेंट का सबसे तेज़ शतक भी साबित हुआ। पुरुष T20I में कुल मिलाकर यह संयुक्त तौर पर तीसरा सबसे तेज़ शतक भी था।
हालांकि साउथ अफ़्रीका के लिए शुरुआत में मौक़ा भी बना था जब साइफ़र्ट ने फ़ाइन लेग की ओर एक हाई कैच दिया था, हालांकि डेवाल्ड ब्रेविस के वहां मौजूद होने के बावजूद विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक कैच के लिए गए और गेंद उनके दस्ताने पर लगकर छिटक गई। उस समय न्यूज़ीलैंड की पारी का दूसरा ओवर ही चल रहा था और तब साइफ़र्ट मात्र 11 के निजी स्कोर पर ही खेल रहे थे। साइफ़र्ट के ख़िलाफ़ कॉट बिहाइंड की अपील पर साउथ अफ़्रीका ने रिव्यू भी लिया लेकिन वह असफल रहा।
हालांकि दो बड़े जीवनदान साउथ अफ़्रीका को भी मिले थे लेकिन साउथ अफ़्रीका उन मौक़ों को नहीं भुना पाई। एडन मारक्रम और डेविड मिलर दोनों का कैच तीन के निजी स्कोर पर छूटा था लेकिन दोनों ही रचिन रविंद्र की स्पिन का शिकार बने। मारक्रम जब आउट हुए तब 18 गेंदों के अंतराल पर बाउंड्री नहीं आई थी और मिलर उस समय आउट हुए जब चौथे विकेट के लिए ब्रेविस के साथ उनकी साझेदारी पनप ही रही थी।
साउथ अफ़्रीका की टीम ने कोल मकौंकी, रचिन रविंद्र के दोहरे झटकों और जिमी नीशम द्वारा ब्रेविस को आउट करने के बाद 77 के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। लेकिन इसके बाद ट्रिस्टन स्टब्स और मार्को यानसन के बीच साझेदारी पनपी और दोनों ने 43 गेंदों पर अर्धशतकीय साझेदारी पूरी की। हालांकि यानसन ने आक्रमण किया और 73 रनों की यह साझेदारी साउथ अफ़्रीका के लिए संजीवनी साबित हुई।
स्टब्स और यानसन साउथ अफ़्रीका को 150 तक ले गए। यानसन ने 27 गेंदों पर अर्धशतक भी पूरा किया लेकिन अंतिम ओवर करने आए मैट हेनरी के ओवर में मात्र पांच रन गए जिसके चलते साउथ अफ़्रीका स्कोरबोर्ड पर 169 तक ही पहुंच पाया लेकिन साउथ अफ़्रीका की ख़राब शुरुआत को देखते हुए न्यूज़ीलैंड के लिए रखा गया एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था।
साउथ अफ़्रीका की पारी के दूसरे ही ओवर में मकौंकी ने डी कॉक और रायन रिकलटन को लगातार दो गेंदों पर आउट किया था। डी कॉक इस विश्व कप में चौथी बार ऑफ़ स्पिन का शिकार बने। हालांकि यह इस पारी में मकौंकी का एकमात्र ओवर भी सिद्ध हुआ।
T20 विश्व कप में 2021 के बाद पहली बार साउथ अफ़्रीका को पहले बल्लेबाज़ी करते हुए हार मिली। इससे पहले उन्हें 2021 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहले बल्लेबाज़ी करते हुए हार मिली थी। इन दो हार के बीच साउथ अफ़्रीका ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए आठ मुक़ाबले जीते थे और एक मुक़ाबला टाई हुआ था।
फ़िन ऐलन के रिकॉर्ड शतक से फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड
