जयपुर। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित तबके के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने वाले ड्रीम स्कूल में इस वर्ष बाल दिवस पर भव्य “चिल्ड्रन्स डे कार्निवल” का आयोजन किया गया। रंग–बिरंगी सजावट, मनोरंजक गतिविधियों और उत्साह से भरे माहौल में बच्चों ने अपने सपनों को नई उड़ान दी।
ड्रीम स्कूल की प्राचार्या अनिता सक्सेना ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं। स्कूल द्वारा उन्हें निःशुल्क शिक्षा, कौशल विकास और अतिरिक्त सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का अवसर दिया जाता है, जिससे वे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बन सकें। उन्होंने कहा कि बाल दिवस का उद्देश्य बच्चों के सपनों, उत्साह और उनकी प्रतिभा को सम्मान देना है।

कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से बच्चों का मनोबल बढ़ाया। इनमें प्रमुख रूप से कैप्टन शशिकिरण जी, CPRO – भारतीय रेलवे, जयश्री शर्मा – संस्थापक एसईएनएन, देवेश मूद्गल – निदेशक आकृति लैब्स, डॉ. बिस्वाजॉय चटर्जी – कुलपति, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट विश्वविद्यालय, शुभम जी (शर्मा जी ज्वेलरी वाले), जुगल जी (राजस्थान रॉयल्स से) , मीरा सक्सेना, कर्नल अजीत सक्सेना, उभरती सिंगर जोड़ी आयु,आर्य , डॉ रोहित आनंद, इवादीप सक्सेना, दीपक ताम्बी, तथा सामाजिक कार्यकर्ता मंजीत अरोड़ा, अनीता माथुर, सुशीला कुमारी सहित 200 से अधिक गणमान्य व्यक्तियों ने बच्चों को प्रोत्साहित किया। उपस्थित अतिथियों ने स्कूल के प्रयासों की सराहना की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
ड्रीम स्कूल की निदेशक हस्मिक घलेचेयान ने बताया कि इस बार के बाल दिवस समारोह को बच्चों के लिए विशेष रूप से आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता के रूप में डिजाइन किया गया था, जिसमें बच्चे स्वयं गतिविधियों को संभालते और आनंद लेते दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि कार्निवल में खाद्य और नाश्ते के स्टॉल, खेल–कूद बूथ, रंग–बिरंगी कला गतिविधियाँ और बच्चों के लिए एक बड़ा डीजे डांस फ्लोर मुख्य आकर्षण रहे। बच्चों ने दिनभर हंसी, खेल और संगीत का भरपूर आनंद लिया।
ड्रीम स्कूल को संचालित करने वाली इम्पैक्ट फाउंडेशन न सिर्फ इस स्कूल में वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि पार्वती नगर की झुग्गी बस्ती में भी एक निःशुल्क लर्निंग सेंटर चलाती है, जहाँ स्लम के बच्चों को शिक्षा और व्यक्तित्व विकास का अवसर दिया जाता है।
समारोह के अंत में बच्चों के चेहरों पर दिखी खुशी और आत्मविश्वास ने यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन, अवसर और प्रेम मिलने पर हर बच्चा अपने सपनों को सच कर सकता है। ड्रीम स्कूल और इम्पैक्ट फाउंडेशन का यही प्रयास आगे भी जारी रहेगा-हर बच्चे को शिक्षा, सम्मान और एक उज्ज्वल भविष्य देने की दिशा में।
