जयपुर/कोटा। कोटा शहर की विज्ञान नगर थाना पुलिस की टीम ने डिलीवरी बॉय भगवान मीणा की डंडों से पीट कर निर्मम हत्या करने के मामले में गांव डोबड़ा थाना बपावर कला (कोटा ग्रामीण) निवासी दो मुख्य अभियुक्त योगेश मीणा पुत्र हरिनारायण (25) और उसके साथी नवीन उर्फ बिट्टू मीणा पुत्र मनीष (23) को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल एक अन्य अभियुक्त की पुलिस तलाश कर रही है।एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि 22 अप्रैल को हाडौती अस्पताल के पास झाड़ियोन में गांव डोबड़ा थाना बपावर कला निवासी भगवान मीना घायल अवस्था में मिला था। जिसे एमबीएस हॉस्पिटल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस में जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें भगवान मीना दौड़ता हुआ नजर आया। उसके पीछे दो बाइक पर आये बदमाशों द्वारा डंडे से पीट-पीट कर हत्या करना सामने आया।सीसीटीवी में दिख रहे बदमाशों की पहचान मृतक भगवान मीणा के भाई लक्ष्मीनाथ ने उनके गांव के ही योगेश मीणा, कौशल मीणा व विकास मीणा के रूप में की। जिसकी रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में सामने आया कि वारदात से कुछ समय पहले भगवान मीना आरोपी योगेश मीणा की पत्नी को भगाकर ले गया था। इस बात को लेकर दोनों के बीच रंजिश चली आ रही थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ विज्ञान नगर सतीश चंद्र के नेतृत्व में गठित की गई टीम द्वारा अभियुक्तों की पहचान के बाद तकनीकी अनुसंधान आधार पर आरोपी योगेश मीणा को रेलवे स्टेशन कोटा से 24 अप्रैल को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त डंडा, मृतक भगवान की बाइक व आरोपी के पहने हुए कपड़े जब्त किए। ईदगाह बस स्टैंड आगरा से आरोपी नवीन उर्फ बिट्टू को डिटेन कर मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों अभियुक्त पुलिस अभिरक्षा में है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।15 दिन से कर रहे थे रैकीरंजिश के चलते आरोपी योगेश मीणा ने अपने बचपन के दोस्त नवीन मीणा उर्फ बिट्टू से संपर्क कर हत्या की साजिश रची। इसके लिए आरोपी 15 दिनों से भगवान मीणा के कार्य स्थल की लगातार रैकी कर रहे थे। मृतक भगवान मीणा स्वैगी में डिलीवरी बॉय था। घटना के रोज 22 अप्रैल को योगेश मीणा ने दोस्त नवीन मीणा व एक अन्य दोस्त को साथ में लिया।तीनों आरोपी भगवान मीणा के कार्य स्थल आनंद शेखावटी ढाबा पहुंचे। जब भगवान ऑर्डर डिलीवरी के लिए लेकर निकला तो पीछा करते हुए एक सुनसान स्थान पर तीनों ने उसे रोक लिया। तीनों को एक साथ देख भगवान अपनी बाइक वहीं छोड़कर भागने लगा। इस पर नवीन उर्फ बिट्टू ने एक राहगीर बाइक चालक को चाकू दिखाकर लिफ्ट ली और हाडौती हॉस्पिटल के पास भगवान मीणा को पकड़ लिया। थोड़ी देर में योगेश मीणा व उसका दोस्त वहां पर आ गए और फिर तीनों ने डंडे से उसके सिर पर वार का निर्मम हत्या कर दी।
