टोंक। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। विश्वभर में भारत के लोकतंत्र की मिसाल दी जाती थी। पहले के समय में निर्वाचन आयोग पहाड़ों पर, रेगिस्तान में, सरहद पर जहां गांव-ढाणी में यदि एक, दो वोट ही है, तो भी उन तक पहुंचने के लिए मीलों पैदल चलकर जाता था, ताकि वहां रहने वाला एक भी व्यक्ति मतदान से वंचित ना रह जाये, इस भावना के साथ चुनाव आयोग काम करता था। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब संस्थाएं मजबूत होती है। परन्तु आज केन्द्र की भाजपा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं में सेंधमारी करके लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया है।
सचिन पायलट ने आज टोंक जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में सतर्कता के लिए लगाये गये कांग्र्रेस पार्टी के बीएलए के प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी ने कई राज्यों की मतदाता सूचियों की जांच करवाकर उनमें पायी गई त्रुटियों को उजागर किया है। ये त्रुटियां अनजाने में नहीं हुई है, ये जान-बूझकर साजिशन की गई गलतियां है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र्र सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में संशोधन करके इसको लचर करने का काम किया। भाजपा की सरकार ने बिहार में चलते चुनाव के बीच प्रत्येक महिला के खाते में 10-10 हजार रूपये डालने का काम किया और चुनाव आयोग मूकदर्शक बनके बैठा रहा। इससे साफ जाहिर है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा, देश बदलने से पहले स्वयं को बदलना होगा। पायलट ने कहा कि हमें सक्रिय रहकर सतर्कता के साथ मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य में अपनी प्रभावी भूमिका का निर्वहन करना होगा।
कार्यक्रम के बाद पायलट ने टोंक में नवनिर्मित गहलोद पुल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि गहलोद पुल, न्यू हॉस्पीटल समेत टोंक के वृहद प्रोजेक्ट निर्मित होकर तैयार है।
लोकतंत्र तब ही मजबूत जब संस्थाएं मजबूत हो, भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया- पायलट
