जयपुर। सड़क आमजन की सुविधा के लिए बनाई जाती है ताकि उन्हें सुगम एवं त्वरित परिवहन मिल सकें। इसलिए सड़कें बनाने के साथ ही उन्हें आमजन के लिए सुरक्षित रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए हमें सार्थक प्रयास करने होगें और सड़क निर्माण के लिए निर्धारित मानकों का पालन पूर्ण निष्ठा से करवाना होगा। निर्माण भवन में सोमवार को आयोजित रोड सेफ्टी ऑडिट पर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उपमुख्यमत्री दिया कुमारी ने यह बात कही।
दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के मिशन में इन्फ्रा, कनेक्टिविटी और रोड सेफ्टी प्रमुख स्थान रखते हैं। सड़क सुरक्षा के लिए नियम और गाइडलाईन्स पहले से बनी हुई है लेकिन उनका क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो रहा है। हम सब को योजनाबद्ध तरीके से ऐसे प्रयास करने होगें कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। यह 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तभी सार्थक होगा, जब अधिकारी यहाँ से प्राप्त ज्ञान का प्रयोग सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए करेंगे।
सर्टिफिकेशन कार्यक्रम की अवधि 8 से 23 दिसंबर—
भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (आईएएचआई) द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए रोड सेफ्टी ऑडिट का 15 दिवसीय सर्टिफिकेशन कार्यक्रम 8 से 23 दिसंबर तक निर्माण भवन में आयोजित किया जा रहा है जिसमें विभाग के 55 अभियंता भाग ले रहे हैं। इसके अन्तर्गत मौजूदा सडकों ओर पुलों की एक चरण में तथा नई सड़कों और पुलों की तीन चरणों (डिजाईन, निर्माण और प्री ओपनिंग स्टेज) पर ऑडिट का प्रशिक्षण दिया जायेगा। गौरतलब है यह प्रशिक्षण “रोड सेफ्टी ऑडिट कोर्स विशेषज्ञ टीम” द्वारा दिया जा रहा है। इस टीम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एडीजी संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता मनीष असाती, आईटीएस विशेषज्ञ मनोहर मीणा, आईआईटी दिल्ली की प्रोफेसर गीतम तिवारी, एनएचएआई के रोड सेफ्टी एडवाईजर एस के पोपली, परवेज आलम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इस कोर्स के बाद प्रशिक्षित अभियंता फील्ड में जाकर रोड सेफ्टी ऑडिट करेंगे।
इस दौरान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डी आर मेघवाल, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव टीसी गुप्ता ने उद्घाटन सत्र को सम्बोधित किया।
सड़क बनाना ही पर्याप्त नहीं, आमजन को सुरक्षित सड़क मार्ग उपलब्ध करवाना भी हमारी जिम्मेदारी- उपमुख्यमंत्री, दिया कुमारी
