आधे विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 75% से अधिक कार्य पूर्ण
जयपुर। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 (एसआईआर-2026) के अंतर्गत राजस्थान में गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य तीव्र गति से जारी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 4 करोड़ गणना प्रपत्र ईसीआई—नेट पर अपलोड किए जा चुके हैं। इस मामले में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर बरकरार है।
देशभर के 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे एसआईआर अभियान में राजस्थान एकमात्र ऐसा राज्य है, जहाँ 3000 से अधिक बूथों पर 100% डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। कई ग्राम पंचायत भी अब पूरी डिजिटाईजेशन होने जा रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की पहल पर शुरू हुआ बीएलओ सम्मान अभियान, जो 78 से प्रारंभ हुआ था, अब 1800 से अधिक उत्कृष्ट बीएलओ तक पहुंच चुका है।
जिलेवार प्रगति—
बाड़मेर जिला 85% डिजिटाइजेशन के साथ राज्य में लगातार प्रथम स्थान पर है। बालोतरा एवं सलूंबर 80% से अधिक अपलोडिंग के साथ शीर्ष जिलों में शामिल हैं।
विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति—
राजस्थान की भौगोलिक विविधताओं मरुस्थलीय, पहाड़ी, मैदानी और नहरी क्षेत्रों के बावजूद बीएलओ ने स्थानीय स्तर पर बेहतर योजना और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभावी पर्यवेक्षण के बल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
वर्तमान स्थिति में लगभग आधे विधानसभा क्षेत्रों में 75% से अधिक डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो चुका है।
विधानसभा क्षेत्रों में बायतु 90% से अधिक प्रपत्र अपलोड के साथ प्रदेश में सर्वोच्च स्थान पर है। बाड़ी और वैर क्रमश: 88 और 87 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। 26 विधानसभा क्षेत्रों में 80% से अधिक डिजिटाइजेशन का कार्य हो चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यकता हो, बीएलओ को अतिरिक्त संसाधन, डिजिटल उपकरण एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध करवाया जाए ताकि डिजिटाइजेशन की गति और तीव्र की जा सके। अब तक प्रदेश में 3000 से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारियों ने अपने बूथ का 100% कार्य समाप्त कर दिया है राज्य के औसत को देखें तो प्रति बीएलओ 754 फार्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। गत पांच दिवस की प्रगति को देखें तो राज्य की औसत दैनिक प्रगति दर 5.78 प्रतिशत है।
बालोतरा, करौली, सीकर, डूंगरपुर व झुंझुनूं सर्वाधिक प्रगति वाले जिले हैं जबकि जयपुर, ब्यावर , अजमेर, पाली एवं सिरोही में यह धीमी नजर आई है। महाजन ने डिजिटाइजेशन में धीमी प्रगति दिखाने वाले जिलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को स्पेशल कैंप लगाकर गति बढ़ाने हेतु निर्देशित किया है। बालोतरा एकमात्र जिला है जहां डिजिटाइजेशन भी पहले से ही अच्छा है और इन पांच दिवस के दौरान भी इसमें सर्वाधिक प्रगति देखी गई है। उन्होंने बालोतरा जिले के अधिकारियों की प्रशंसा की।
जनजागरूकता एवं ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा—
महाजन ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने हेतु एवं आयोग की नई सुविधा ‘सर्च बाई नेम’ का उपयोग करने के लिए
मीडिया एवं सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग किया जाए।
इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के माध्यम से युवाओं तक अधिकाधिक पहुंच बनाई जाए। पोर्टल के उपयोग व ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया पर आधारित लघु वीडियो प्रदेश के सभी कॉलेजों एवं शिक्षण संस्थानों में प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक युवा मतदाता एवं योग्य नागरिक आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन में राजस्थान देश के बड़े राज्यों में अग्रणी
