जयपुर। राज्य में संचालित की जा रही विभिन्न जलग्रहण परियोजनाओं यथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान आदि में जनभागीदारी व औद्योगिक/व्यावसायिक संस्थानों की भागीदारी बढ़ाने हेतु गुरूवार को जलग्रहण विकास व भू संरक्षण विभाग एवं औद्योगिक संस्थान आईटीसी के मध्य एमओयू किया गया। एमओयू पर मुहम्मद जुनैद ,निदेशक एवं संयुक्त सचिव, जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग तथा एस.शिवकुमार, आईटीसी द्वारा हस्ताक्षर किये गये। आईटीसी द्वारा बूंदी जिले की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, हिण्डोली, झालावाड़ जिले की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, बकानी एवं झालावाड़ जिले की मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, झालरापाटन परियोजनाओं में चेक डैम ,एनिकट जैसे जल सरंक्षण कार्यों के निर्माण के साथ-साथ कृषकों को उन्नत तकनीक कृषि के प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
भारत सरकार के भू-संसाधन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई वाटरशेड कप प्रतियोगिता में भी स्थानीय समुदायों, एनजीओ और सीएसआर पहल के साथ जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण और मृदा प्रबंधन को बढ़ावा देने का एक अनूठा अवसर दिया जा रहा है। इस प्रकार की बेहतरीन जल संरक्षण परियोजनाओं को 20 लाख रुपए तक की पुरस्कार राशि मिल सकती है ।
विभिन्न जलग्रहण परियोजनाओं में भागीदारी बढ़ाने हेतु जलग्रहण विकास व भू संरक्षण विभाग एवं औद्योगिक संस्थान आईटीसी के बीच हुआ एमओयू
