जयपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सोमवार को जयपुर में नए सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने बताया कि देश में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की आवश्यकता क्यों पड़ी। साथ ही राजनाथ सिंह ने कहा कि राजस्थान की धरती वीरता ही नहीं संस्कृति के लिए भी पहचानी जाती है, यहां सैनिक स्कूल खुलना किसी वरदान से कम नहीं है। सैनिक स्कूल के समारोह में डिप्टी सीएम दिया कुमारी और कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे।
जयपुर में सीकर रोड स्थित श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति के अंतर्गत संचालित सैनिक स्कूल के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मेरा सौभाग्य कि आज सैनिक स्कूल के उद्घाटन में मौजूद हूं। मुझे खुशी है कि मैं एक शिक्षक रह चुका हूं। राजस्थान की धरती वीरता ही नहीं संस्कृति के लिए भी पहचानी जाती है। यहां महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान, सूरजमल और सवाई जयसिंह जैसे वीरों ने जन्म लिया है। राजस्थान की धरती पर सैनिक स्कूल खुलना किसी वरदान से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि कहा कि कुछ लोग सोच रहे होंगे कि देश में पहले से कई सैनिक स्कूल चल रहे हैं। लेकिन, 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की आवश्यकता क्यों पड़ी? दरअसल, देश में अब तक जो सैनिक स्कूल रहे हैं, वो विशेष तौर से संचालित हो रहे थे। वे सैनिक स्कूल केंद्र और राज्य सरकार के सम्मिलित प्रयासों से स्थापित होते थे। राज्य सरकार भूमि का आवंटन करती थी और केंद्र सरकार अन्य भूमिका निभाती थी। देश के सभी पुराने सैनिक स्कूल इसी तरीके से चल रहे थे। लेकिन, पीएम मोदी ने देश में जिन 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना का लक्ष्य रखा है, वो केंद्र और राज्य सरकार की पार्टनरशिप से नहीं पीपीपी मॉडल यानी प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के आधार पर संचालित किए जा रहे है।
राजस्थान की धरती वीरता ही नहीं संस्कृति के लिए भी पहचानी जाती है- राजनाथ सिंह
