जयपुर। स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा महोदय के मार्गदर्शन में जयपुर विकास आयुक्त आनन्दी की अध्यक्षता में रविवार को जेडीए के मंथन सभागार में जविप्रा के समस्त प्रकोष्ठों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिसमें समस्त प्रकोष्ठों द्वारा पीपीटी के माध्यम से अपने-अपने प्रकोष्ठों का प्रेजेंटेशन दिया गया। बैठक में जेडीए सचिव डॉ. निशांत जैन, समस्त निदेशकगण, समस्त अतिरिक्त आयुक्तगण, मुख्य प्रवर्तन नियंत्रक, समस्त उपायुक्त उपस्थित थे। अन्य संबंधित अधिकारी ऑनलाईन बैठक में जुुडे।
बैठक में बताया गया कि जविप्रा को 50 प्रतिशत से अधिक राजस्व नीलामी के माध्यम से प्राप्त हो रहा है। जोन कार्यालयों से नीलामी के प्रस्ताव अपेक्षित है, जिससे जविप्रा की आय में वृद्धि हो सकेगी। जेडीसी द्वारा सेक्टर व्यावसायिक भूखण्डों, मुख्यतः जोन-09, 10 व 11, रिंग रोड परियोजना में नीलामी हेतु उपलब्ध भूखण्डों का चिन्ह्किरण किया जाकर नीलामी में रखे जाने के निर्देश दिये। जोन-10 में गोविंदपुरा योजना, जोन-11 स्थित चिरांेता में वेयर हाउस योजना, जोन-12 स्थित जयरामपुरा में ईको-फ्रेंडली फार्म हाउस स्कीम (292 भूखण्ड) स्कीम, नाहरी का बास, जोन-14 स्थित कैलाशपुरा में खोखावास में नई स्कीम लांच करने के निर्देश दिये।
लाईट्स प्रकरणों (कोर्ट कैसेज) का निस्तारण त्वरित गति से करने एवं इससे संबंधित प्रकरणों की निरंतर मॉनिटरिंग कर पेन्डेन्सी शून्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कोर्ट में लंबित प्रकरणों की पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं को संबंधित प्रकरण के बारे मंे सुनवाई से पूर्व विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने हेतु संबंधित प्रकोष्ठ के ओआईसी को निर्देश दिए, जिससे निर्णय जेडीए के पक्ष में पारित हो। इसके पश्चात कोर्ट निर्णय उपरांत तत्काल प्रभाव से यथा अनुकूल कानूनी कार्यवाही करवाने के निर्देश दिये।
उन्होंने निर्देश दिये कि नियमों/आदेशांे की जानकारी से पूर्णतया अवगत होने के पश्चात ही अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा पत्रावलियों पर टिप्पणी अंकित की जाये। जेडीसी ने जोन लिपिक स्तर पर पत्रावलियां अनावश्यक रूप से एक – दूसरे को प्रेषित की जाती रहती है, इस प्रवृति को रोके जाने के निर्देश दिये। उन्होंने समस्त उपायुक्तों को अपने अधीनस्थ स्टाफ से अतिरिक्त प्रयास करते हुए उच्च कुशलता के साथ कार्य करवाने के निर्देश दिये।
बैठक में आयोजना शाखा के अधिकारियों को बीपीसी एलपी/बीपी से संबंधित समस्त लंबित प्रकरणों का निस्तारण आगामी आयोजित होने वाली बैठक से पूर्व निस्तारित करने के निर्देश दिये गये। इस संबंध में संबंधित आवेदको से आवश्यक पत्राचार करने के भी निर्देश दिये, जिससे प्रकरण शीघ्र निस्तारित किये जा सकेंगे। जोन में सहायक नगर नियोजकों द्वारा मास्टर प्लान में पत्रावलियां अनावश्यक रूप से प्रेषित नहीं की जायेंगी। किसी प्रकार के मार्गदर्शन वांछित होने पर मास्टर प्लान में स्वयं जाकर मार्गदर्शन प्राप्त कर पत्रावली का नियमानुसार तत्काल रूप से निस्तारण किया जाये। इस क्रम में जेडीसी द्वारा निदेशक आयोजना को आदेश जारी करने के निर्देश दिये गये। जेडीसी द्वारा निदेशक अभियांत्रिकी को शहर में चल रहे मुख्य प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता तय करते हुए एक्शन प्लान बनाने हेतु निर्देश दिये गये। इसके अतिरिक्त राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट – 2024 से संबंधित कार्य को त्वरित गति एवं गुणवात्तापूर्वक प्राथमिकता से करने के निर्देश ण।
सभी जोन उपायुक्तों को अपने-अपने जोन में लैण्ड बैंक की सूचना 30 सितम्बर, 2024 तक भिजवाने के निर्देश दिये। जोन उपायुक्त इस हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त हैं एवं उनके द्वारा राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट – 2024 से संबंधित मुख्यालय से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करवाने के निर्देश दिये। बैठक में वर्ष 2023-2024 में 10 हजार वर्गमीटर से अधिक भूमि रूपान्तरण एवं 5 हजार वर्गमीटर से अधिक भूमि आवंटन के प्रकरणों की सूची तैयार करने के निर्देश दिये गये। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट – 2024 की वेबसाइट पर लैण्ड बैंक से संबंधित सूचना 30 सितम्बर, 2024 तक अपलोड करने के निर्देश दिये।
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट – 2024 से संबंधित स्थानों/भूमियों का जोन उपायुक्तों द्वारा भ्रमण कर आवश्यक सुधारीकरण/सौंदर्यीकरण कार्य हेतु संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर कार्य करवाया जाना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में बताया गया कि एमआई रोड की मिसिंग रेलिंग एवं कर्व स्टोन की मरम्मत करवाने, अपेक्स सर्किल से जेएलएन मार्ग पर मीडियन में पेड लगवाने, दिल्ली रोड से ट्रांसपोर्ट नगर तक रोड पेच वर्क एवं साफ-सफाई करवाने, विभिन्न आवश्यक स्थानों पर लाईट्निंग, फुटपाथ-मीडियन मरम्तीकरण/सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई करवाना, पेड लगवाने/गू्रमिंग, विद्युतीकरण कार्य, जैसे इत्यादि कार्य करवाने के निर्देश दिये। महल रोड से टोंक रोड के मध्य अवैध पार्किंग हटवाने, कंस्ट्रक्शन मलबे को हटवाना, अवैध थडियों को हटवाना, अन्य अस्थाई अतिक्रमणों को हटवाना, पोल्स पर लगे हुए गमलों को ठीक करवाया जाना प्रस्तावित है। अजमेर रोड पर करीब 40 किमी में कर्व स्टोन, रेलिंग, मीडियन, फुटपाथ इत्यादि का मरम्तीकरण/सौंदर्यीकरण करवाया जाना अपेक्षित है।
बैठक में बताया गया कि उद्यानिकी शाखा द्वारा शहर में सौंदर्यीकरण हेतु 10 हजार पौंधे लगाये जा रहे है।
बैठक में जेडीसी ने संबंधित समस्त अधिकारियों को उक्त समस्त कार्यो को 10 अक्टूबर, 2024 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। सभी जोन उपायुक्तो को निर्देश दिये गये कि अपने-अपने जोन में होने वाले समस्त कार्यो की मॉनिटरिंग करें, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि आपके जोन में हो रहे कार्य समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण रूप से हो रहे है। बैठक में प्रवर्तन शाखा द्वारा संपादित किये जा रहे कार्यो का प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जेडीसी द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटवाने के पश्चात फैंसिंग करवाने एवं पेड लगवाने के निर्देश दिये। उन्होंने रोपाडा फार्म हाउस योजना के लगभग 15 भूखण्डों से अतिक्रमण तत्काल हटवाने, जोन-10 में अवैध खनन को रोकने, 50 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाकर नीलामी में रखने, झोटवाडा आरओबी की सर्विस रोड में आ रहे अतिक्रमणों को हटवाकर सडक बनाने के निर्देश दिये।
उन्होंने डीटीएस/सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणो को गुणात्मक रूप से निस्तारित करने एवं 30 दिवस से पूर्व लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्ताकरण करने के निर्देश दिये। नागरिक सेवा केंद्र में समस्त प्रकार के दर्ज ऑनलाईन प्रकरणों की पेडेंसी शून्य करने के निर्देश दिये गये।
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट – 2024 से संबंधित कार्य 10 अक्टूबर तक करवाये जायेंगे पूर्ण
