जयपुर। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा है कि देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई ही सबसे ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम है। श्रीमती करंदलाजे ने आज जयपुर के उद्योग भवन में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की राजस्थान में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली और उनकी प्रगति के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के बाद सुश्री करंदलाजे ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रोज़गार गारंटी स्कीम के तहत लगभग 10 लाख 50 हज़ार एसएसएमई यूनिट्स को 29 हज़ार करोड़ रुपये की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। उन्होने कहा कि एससी, एसटी वर्ग के लोगों को प्राप्त लोन में 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। यदि एक करोड़ रुपये का एमएसएमई लोन है तो 35 लाख रुपये की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारी दी जाती है। जबकि सामान्य वर्ग के लोगों को एमएसएमई लोन पर 25 प्रतिशत की छूट केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है। एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये का ऋण केंद्र सरकार द्वारा दिया गया है।
सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2027 में विकसित भारत बनाने के विज़न में एमएसएमई सेक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण है। देशभर में 7 करोड़ 50 लाख एमएसएमई उद्यमियों का उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 30 करोड़ से ज़्यादा लोगों को एमएसएमई क्षेत्र में रोज़गार मिला है। देश में कृषि के बाद रोज़गार उपलब्ध कराने में एमएसएमई क्षेत्र दूसरे स्थान पर है। सुश्री करंदलाजे ने जानकारी दी कि राजस्थान ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और देश में दूसरे स्थान पर है। एक लाख तेरह हज़ार लोगों को राजस्थान में टूल किट बांटे गए हैं व एक लाख टूल किट राजस्थान में और वितरित किए जाएंगे। इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, राजस्थान के साथ मिलकर एमएसएमई सेक्टर में किए जा रहे कार्य़ों में तेज़ी लाएगी। एमएसएमई सेक्टर से जुड़े और उद्यमियों को लोन दिया जाएगा।
देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका होगी- शोभा करंदलाजे
