जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-10 में ईकोलोजिकल जोन में निजी खातेदारी की करीब 31 बीघा कृषि भूमि पर 3 नवीन अवैध कॉलोनियों को प्रारंभिक स्तर पर ही पूर्णतः ध्वस्त किया गया।
उप महानिरीक्षक पुलिस कैलाष चन्द्र विष्नोई ने बताया कि जोन-10 के क्षेत्राधिकार ईकोलोजिकल जोन में अवस्थित दांतली पुलिया, बसंत विहार कॉलोनी के पीछे, जिला जयपुर में करीब 05 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर ‘‘कैलाषपुरी’’ के नाम से विगत दिवसों में मौका पाकर रातों-रात बनाई गई मिट्टी-ग्रेवल सडकें, बाउण्ड्रीवाल व अन्य अवैध निर्माण कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना प्राप्त होते ही प्रारंभिक स्तर पर ही आज जोन-10 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मषीन व मजदूरों की सहायता से ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया।
जेडीए द्वारा जोन-10 के क्षेत्राधिकार ईकोलोजिकल जोन में अवस्थित ग्राम खोरी रोपाड़ा सन शाईन रिसोर्ट के सामने, लुनियावास से बाईपास की तरफ जाने वाली रोड़, जिला जयपुर में करीब 15 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर ‘‘सूर्य विहार द्वितीय’’ के नाम से विगत दिवसों में मौका पाकर रातों-रात बनाई गई मिट्टी-ग्रेवल सडकें व अन्य अवैध निर्माण कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना प्राप्त होते ही प्रारंभिक स्तर पर ही आज जोन-10 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मषीन व मजदूरों की सहायता से ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया।
इसी प्रकार जोन-10 के क्षेत्राधिकार ईकोलोजिकल जोन में अवस्थित ग्राम पुराना बगराना, जिला जयपुर में करीब 11 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के एवं बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर ‘‘रिवर वैली‘‘ के नाम से विगत दिवसों में मौका पाकर रातों-रात बनाई गई मिट्टी-ग्रेवल सडकें, मकानों की बाउण्ड्रीवाल, सीमेन्ट के ब्लॉक के पिल्लर, बाउण्ड्रीवाल, ईट, पत्थर, बजरी डालकर व अन्य अवैध निर्माण कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने की सूचना प्राप्त होते ही प्रारंभिक स्तर पर ही आज जोन-10 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मषीन व मजदूरों की सहायता से ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया। संबंधित से जेडीए के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही का नियमानुसार खर्चा-वसूली की कार्यवाही की सुनिष्चित की जायेगी। उक्त कार्यवाहियां मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन आदर्ष चौधरी के पर्यवेक्षण में उपनियंत्रक प्रवर्तन-तृतीय, प्रवर्तन अधिकारी जोन-10 तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।
जेडीए ने 31 बीघा भूमि पर तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त
