बुमराह ने चार विकेट लिए और अक्षर ने तीन विकेट हासिल किए
नई दिल्ली। संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और इशान किशन के आक्रामक अर्धशतकों और भारतीय गेंदबाज़ों के सामूहिक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने न्यूज़ीलैंड को हराते हुए लगातार दूसरा T20 विश्व कप जीत लिया है। भारत लगातार दो T20 विश्व कप जीतने के साथ ही घर पर यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली टीम बनी है। भारत का यह तीसरा T20 विश्व कप ख़िताब है।
भारत को पहले बल्लेबाज़ी का आमंत्रण मिला था और अभिषेक और सैमसन की जोड़ी ने रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। अभिषेक ने मात्र 18 गेंदों पर अर्धशतक पूरा करते हुए पुरुष T20 विश्व कप के इतिहास में नॉकआउट में सबसे तेज़ अर्धशतक जड़ा। इस टूर्नामेंट के इतिहास में सैमसन और अभिषेक की जोड़ी ने सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी भी बनाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 98 रनों की साझेदारी हुई। हालांकि अभिषेक अपने अर्धशतक को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए लेकिन किशन ने आते ही आक्रमण शुरू कर दिया और भारतीय पारी की गति को धीमा नहीं पड़ने दिया।

किशन और सैमसन के बीच दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी हुई लेकिन सैमसन एक बार फिर 89 के स्कोर पर आउट हुए और यहां से भारतीय पारी को ब्रेक लगा। जिमी नीशम ने एक ही ओवर में सैमसन, किशन और सूर्यकुमार यादव का विकेट निकाला और एक समय 270 के स्कोर की ओर आसानी से अग्रसर दिख रही भारतीय टीम के लिए 250 तक पहुंचना मुश्किल नज़र आने लगा।
हालांकि अंतिम ओवर में शिवम दुबे ने नीशम के ख़िलाफ़ ही दो छक्के और तीन चौके जड़कर भारत को 255 के स्कोर तक पहुंचा दिया, यह T20I के किसी भी टूर्नामेंट के फ़ाइनल में सबसे बड़ा टोटल था। सैमसन एक बार फिर भारतीय बल्लेबाज़ी के सूत्रधार बने जिन्होंने T20 विश्व कप में लगातार तीसरा अर्धशतक लगाया।
अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में फ़िन ऐलन के ख़िलाफ़ मौक़ा बनाया था लेकिन दुबे कैच नहीं लपक पाए। हालांकि अक्षर पटेल ने ऐलन का विकेट निकाला और फिर जसप्रीत बुमराह ने भी न्यूज़ीलैंड को झटका दिया। पावरप्ले में ही न्यूज़ीलैंड ने तीन विकेट गंवा दिए थे जिसमें दो विकेट अक्षर ने निकाले थे। अक्षर ने ऐलन के साथ ही ग्लेन फ़िलिप्स का भी विकेट निकाला था और उन्हें आर्म गेंद पर बोल्ड किया। न्यूज़ीलैंड के लिए लक्ष्य काफ़ी मुश्किल प्रतीत हो रहा था।
हालांकि टिम साइफ़र्ट एक छोर पर हटे हुए थे और उन्होंने अर्धशतक भी लगाया लेकिन वरुण चक्रवर्ती की शॉर्ट गेंद पर किशन ने डीप में एक बढ़िया कैच लपकते हुए साइफ़र्ट को चलता कर दिया। किशन ने आज बल्ले के साथ बेहतरीन फ़ील्डिंग का भी प्रदर्शन किया। बुमराह को रचिन रविंद्र के रूप में पहली ही गेंद पर सफलता किशन के बेहतरीन कैच की बदौलत ही मिली थी। बुमराह ने T20I में पांचवीं बार अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लिया और इसमें तीन बार उन्होंने यह कारनामा T20 विश्व कप के नॉकआउट मुक़ाबले में ही किया है।
72 के स्कोर पर न्यूज़ीलैंड की आधी टीम पवेलियन में थी और इसके बाद मिचेल सैंटनर और डैरिल मिचेल के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई लेकिन न्यूज़ीलैंड लक्ष्य से बहुत दूर था और मुक़ाबले में वापसी करने के लिए भी न्यूज़ीलैंड को काफ़ी मशक्कत करनी थी। अक्षर ने एक बार फिर भारत को ब्रेकथ्रू दिलाया और फ़ुल टॉस गेंद पर मिचेल डीप में किशन के हाथों लपके गए।
भारत के लिए यहां से जीत औपचारिकता ही नज़र आ रही थी और 15वें ओवर में बुमराह ने लगातार दो गेंद पर दो झटके दे दिए। उन्होंने जिमी नीशम और मैट हेनरी का विकेट निकाला। हालांकि बुमराह ने लगभग हैट्रिक ले ही ली थी लेकिन लॉकी फ़र्ग्युसन उनकी स्लोअर यॉर्कर खेलने में सफल हो गए। बुमराह ने चार ओवर में 15 रन देकर चार विकेट हासिल किए। बुमराह को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया जबकि सैमसन प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ चुने गए।
गंभीर ने द्रविड़, लक्ष्मण को समर्पित की T20 विश्व कप की ये जीत-
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने 2026 T20 विश्व कप की जीत को उनसे पहले कोच रहे राहुल द्रविड़ और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित किया है। इसके अलावा उन्होंने मुख्य चनयकर्ता अजीत अगरकर और BCCI के पूर्व सचिव जय शाह को भी धन्यवाद कहा है। .

अहमदाबाद में न्यूज़ीलैंड को हराते हुए ख़िताब जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में गंभीर ने कहा, “मुझे लगता है कि सबसे पहले मुझे ये ट्रॉफ़ी राहुल [द्रविड़] भाई को समर्पित करनी चाहिए, और फिर वीवीएस लक्ष्मण [भाई] को भी,” “क्योंकि राहुल भाई ने अपने कार्यकाल में भारतीय टीम को इस परिस्थिति में रहने लायक बनाया और इसके लिए मुझे उन्हें धन्यवाद कहना चाहिए। लक्ष्मण बंद दरवाजे के पीछे निस्वार्थ भाव से भारतीय क्रिकेट के लिए काफ़ी कुछ कर रहे हैं क्योंकि CoE भारतीय क्रिकेट की पाइपलाइन है। अजीत को भी धन्यवाद कहना चाहिए क्योंकि उनकी काफ़ी आलोचना होती है, लेकिन वह अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं..
“अंत में मैं जय [शाह] भाई को भी धन्यवाद कहूंगा क्योंकि जब मैं अपने कार्यकाल के सबसे बुरे दौर में था तो बहुत सारे लोगों को फोन मेरे पास नहीं आया था, चाहे वह न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के बाद हो या फिर साउथ अफ़्रीका सीरीज़ के बाद जिस एक व्यक्ति का मुझे फोन आया वह जय भाई ही थे। इस काम के लिए मेरे ऊपर भरोसा जताने पर मैं उन्हें धन्यवाद कहूंगा क्योंकि मुझे अच्छे से याद है कि जब मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी तब मेरे पास किसी फ़्रेंचाइजी के साथ भी मुख्य कोच का अनुभव नहीं था। लेकिन फिर भी मेरे ऊपर भरोसा जताने पर मैं इन लोगों को धन्यवाद कहना चाहूंगा। मेरा मानना है कि जब तक वे लोग हैं भारतीय क्रिकेट सुरक्षित हाथों में है।”
