जयपुर। सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों को क्रियान्वित करने में राजस्थान उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि नवीन एम-पैक्स के गठन में राजस्थान ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। साथ ही, राज्य ने कई नवाचार भी किए हैं, जिन्हें अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा सकता है।
डॉ. भूटानी मंगलवार को वीसी के माध्यम से ‘सहकार से समृद्धि’ के अंतर्गत क्रियान्वित की जा रही विभिन्न पहलों की क्रियान्विति की समीक्षा कर रहे थे। सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल ने बैठक में अवगत कराया कि विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 के बजट में घोषित 100 में से 76 गोदामों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष गोदामों का निर्माण प्रगतिरत है। वहीं, वर्ष 2025-26 के बजट में घोषित 100 गोदामों में से 56 की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक नैफेड द्वारा 68 एवं एनसीसीएफ द्वारा 49 गोदामों को किराये पर लेने हेतु आश्वासन पत्र दिया गया है। जिन पैक्स के पास गोदाम निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें भूमि उपलब्ध करवाने के लिए जिला कलक्टर्स से अनुरोध किया जा रहा है।
श्रीमती राजपाल ने कहा कि राज्य में पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इसमें विभिन्न स्तरों पर गैप्स को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। ऑफलाइन ऑडिट के बाद हुई ऑनलाइन ऑडिट से आंकड़ों में आया अंतर दूर होने के बाद ऑनलाइन ऑडिट में तेजी से प्रगति होगी। उन्होंने बताया कि सहकारिता में सहकार के अंतर्गत 34 अरबन को-ऑपरेटिव बैंकों में से 11 ऑन बोर्ड हो चुके हैं जबकि, 6 बैंकों ने एनयूसीएफडीसी की सदस्यता हेतु आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर गठित तीन बहुराज्यीय संस्थाओं की सदस्यता के संबंध में भी राज्य की अच्छी प्रगति है। भारतीय बीज सहकारी समिति लि. की सदस्यता में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, एनसीओएल एवं एनसीईएल की सदस्यता भी राज्य की सभी पैक्स को दिलवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जीएसएस व केवीएसएस को इस संबंध में व्यापक जानकारी प्रदान करने के लिए सोमवार को राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका अच्छा रिस्पॉंस देखने को मिला।
BBSSL की सदस्यता में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर- मंजू राजपाल
