जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-9 में ग्राम जीरोता श्री किशनपुरा में विनायक रेजिडेन्सी के भूखण्ड सख्ंया-जी-1 में व्यावसायिक प्रयोजनार्थ बनी अवैध फैक्ट्री की नियमानुसार पुख़्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई। जोन-1 में नगर निगम, यातायात के साथ सामूहिक अभियान के तहत एस.एम.एस. हॉस्पिटल से नारायणसिंह सर्किल से त्रिमूर्ति सर्किल बांगड़ तक करीब 03 किमी. तक रोड़ सीमाओं को कब्जा-अतिक्रमण मुक्त करवाया गया।
मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन महेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि जोन-09 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित जीरोता श्री किषनपुरा में विनायक रेजीडेन्सी के भूखण्ड संख्या-जी-1 में जेडीए की बिना अनुमति-स्वीकृति के व्यावसायिक प्रयोजनार्थ अवैध फैक्ट्री का निर्माण किये जाने पर धारा 32 जेडीए के एक्ट के तहत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने हेतु पाबंद किया गया था। परन्तु निर्माणकर्ता द्वारा अवैध अवैध निर्माण नहीे हटाने पर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर धारा-34(क) का नोटिस जारी कर आज दिनांकः 30.05.2024 के उक्त अवैध फैक्ट्री के प्रवेष द्वारो इत्यादि को इंजीनियरिंग की शाखा की मदद से ईटों की दीवारो से चुनवाकर गेटो पर ताले सील चपडी लगाकर नियमानुसार पुख्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई। जविप्रा द्वारा सीलिंग में हुये व्यय-खर्च की नियमानुसार संबंधित से वसूली की जायेगी। उक्त कार्यवाही प्रवर्तन अधिकारी जोन-09, 08 तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।
इसी प्रकार नगर निगम, यातायात के साथ सामूहिक अभियान के तहत जोन-01 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित एस.एम.एस. हॉस्पिटल से नारायणसिंह सर्किल, त्रिमूर्ति सर्किल, जेके लॉन से बागड़ तक करीब 03 किमी. तक अवैध रूप से कब्जा-अतिक्रमण कर करीब 60 स्थानों पर लगाये गये थडी ठेले, त्रिपाल, होर्डिग, साइन बोर्ड, टेबल कुर्सियां इत्यादि अवैध कब्जे-अतिक्रमणों को सामूहिक अभियान का आयोजन कर जोन-01 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मषीन व मजदूरों की सहायता से हटवाया जाकर रोड सीमा को अतिक्रणमण मुक्त कराया गया। उक्त कार्यवाहियां नगर निगम का जाप्ता व यातायात पुलिस जाप्ता तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।
जेडीए व नगर निगम ने 03 किमी. तक रोड़ सीमाओं को करवाया अतिक्रमण मुक्त
