कैंपस नर्सरी स्कूल में जागरूकता सत्र का आयोजन; माताओं और बच्चों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर
जयपुर। राजस्थान पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए शनिवार को एक विशेष कदम उठाया। राजस्थान विश्वविद्यालय के कैंपस नर्सरी स्कूल और महिला अध्ययन केंद्र के सहयोग से “एक माँ को सशक्त बनाएं, एक पीढ़ी को सशक्त बनाएं” (Empower a Mother, Empower a Generation) विषय पर एक भव्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं और बच्चों को न केवल कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी था। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देशन में यह कार्यक्रम हुआ।

कार्यक्रम राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा के संरक्षण में संपन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक सशक्त माँ ही एक सुरक्षित समाज की नींव रख सकती है। जब माताएं जागरूक होंगी तो पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रहेगी।
पुलिस अधिकारियों ने सिखाए सुरक्षा के ‘स्मार्ट’ तरीके
सत्र का मुख्य आकर्षण राजस्थान पुलिस की अनुभवी अधिकारियों द्वारा दी गई व्यावहारिक ट्रेनिंग रही। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सामुदायिक पुलिसिंग श्रीमती सुनीता मीणा और कालिका यूनिट की पुलिस निरीक्षक श्रीमती इंद्रा अहलावत ने बहुत ही सरल भाषा में माताओं और बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
★ गुड टच-बैड टच: बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने के तरीके सिखाए गए।
★ सेल्फ डिफेंस: दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकें बताई गईं।
★ सड़क सुरक्षा: ट्रैफिक नियमों के पालन और सड़क पर सावधानी बरतने के व्यावहारिक टिप्स साझा किए गए।
डॉ. पारुल मित्तल और टीम का विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में कैंपस नर्सरी स्कूल की निदेशिका डॉ. पारुल मित्तल और महिला अध्ययन केंद्र की निदेशिका प्रो. नूपुर माथुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. पारुल मित्तल ने बताया कि स्कूल स्तर पर इस तरह के प्रशिक्षण से बच्चों और उनके अभिभावकों में आत्मविश्वास का संचार होता है। कार्यक्रम में कैंपस स्कूल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने भी शिरकत की और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
सत्र के दौरान माताओं और बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। प्रतिभागियों ने न केवल पुलिस अधिकारियों की बातों को ध्यान से सुना बल्कि आत्मरक्षा की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित माताओं ने इस आयोजन को बेहद प्रेरणादायक बताया और कहा कि ऐसे सत्रों से उन्हें यह एहसास हुआ कि पुलिस उनकी मित्र और मददगार है।
