जयपुर। जयपुर विकास आयुक्त आनन्दी की अध्यक्षता में जेडीए के मंथन सभागार में सभी प्रकोष्ठों और जोन उपायुक्तों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जेडीसी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जाए और नागरिक आधारित सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, जिससे जनता को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।
राईजिंग राजस्थान’ के तहत विभिन्न जोन कार्यालयों से आवंटित होने वाली भूमि से संबंधित लंबित प्रकरणों का निस्तारण दिसंबर 2025 तक करने का निर्देश दिया गया।
भू-उपयोग परिवर्तन, ले-आउट अनुमोदन और भवन मानचित्र समिति (बीपी) के लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जाए।समस्त लंबित फाइलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। जोन स्तर पर प्राप्त आवेदनों/प्रकरणों को समय सीमा निर्धारित कर निस्तारण किया जाए। राजकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए जोन स्तर पर एस.डी.ओ. और राजस्व अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने, नोटिस जारी करने और हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। अतिक्रमण मुक्त की गई भूमि की प्लानिंग कर पीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत करने को कहा गया।
अवैध अतिक्रमणों के जोन स्तर पर लंबित प्रोफार्म रिपोर्ट/जवाब परीक्षण को पूरा कर प्रवर्तन प्रकोष्ठ को भेजने का निर्देश दिया गया, ताकि तत्काल निर्णय लेकर अवैध अतिक्रमण हटाए जा सकें।
हाईकोर्ट के आदेशानुसार नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे को जोड़ने वाली जविप्रा क्षेत्र की मुख्य सड़कों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने हेतु जोन उपायुक्तों को फेजवार अतिक्रमण चिन्ह्ति कर हटवाने के निर्देश दिए गए।
धारा 177 के अंतर्गत कृषि भूमि के अवैध उपयोग के मामलों में संबंधित तहसीलदारों को त्वरित कार्रवाई के लिए पत्र जारी करने तथा पूर्व में भेजे गए मामलों की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की तथ्यात्मक रिपोर्ट और एफआर (फैक्टुअल रिपोर्ट) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
विधि शाखा को लंबित प्रकरणों की निरंतर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।संबंधित प्रभारी अधिकारियों को उनके जोन/प्रकोष्ठ के महत्वपूर्ण लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर अगली पेशी से पूर्व जवाब भिजवाने और अधिवक्ताओं से संपर्क कर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समस्त जोन उपायुक्तों को नीलामी योग्य परिसंपत्तियां (भूमि/भूखण्ड) चिन्ह्ति कर शीघ्र नीलामी शाखा को उपलब्ध करवाने हेतु निर्देशित किया गया।
जोन-1 से 8 तक के जोन उपायुक्तों को अनुमोदित कॉलोनियों में नीलामी योग्य परिसंपत्तियां चिन्ह्ति करने के निर्देश दिए गए। जिन आवंटियों ने जविप्रा की विभिन्न योजनाओं में आवंटित भूखण्डों की नियमानुसार राशि जमा नहीं कराई है, ऐसे भूखण्डों को चिन्ह्ति कर आवंटन निरस्त कर नीलामी में रखने के निर्देश दिए गए। नव सृजित जोन क्षेत्रों में नवीन योजना सृजित करने हेतु भूमि चिन्ह्ति करने का निर्देश दिया गया।
समाधान पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नियत समय सीमा में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। डीटीएस/संपर्क (राजस्थान संपर्क पोर्टल) के लंबित प्रकरणों और पिंक लेटर्स का निस्तारण तय समय सीमा में और गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बकाया लीज के प्रकरणों, विशेषकर बड़े भूखण्डों/ग्रुप हाउसिंग भूखण्डों की लीज वसूली हेतु नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। मुख्य सड़कों/सेक्टर सड़कों हेतु भूमि अवाप्ति के लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया गया।
लोकायुक्त एवं मानवाधिकार आयोग से जुड़े प्रकरणों में शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने और जहां व्यक्तिगत उपस्थिति अपेक्षित हो, वहां अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर जेडीए का पक्ष रखने का निर्देश दिया गया। लंबित 90ए के प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित अवधि में करने का निर्देश दिया गया। जेडीसी ने सभी अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण, तत्परता एवं उत्तरदायित्व के साथ करने के निर्देश दिये।
जेडीसी ने ली समीक्षा बैठक: प्रकरणों के त्वरित निस्तारण एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली पर दिया जोर
