विद्याधर नगर स्टेडियम में भजन सम्राट लखबीर सिंह लक्खा की प्रस्तुति पर झूम उठा जयपुर, श्याम महोत्सव 2025 बना भक्ति का महाकुंभ
जयपुर। राजधानी जयपुर रविवार को बाबा श्याम की भक्ति में सराबोर हो गया। श्री श्याम भक्त सेवा परिवार समिति (रजि.), जयपुर द्वारा आयोजित ‘श्री श्याम महोत्सव 2025’ का भव्य आयोजन 9 नवम्बर को विद्याधर नगर स्टेडियम में सम्पन्न हुआ। दोपहर 12:15 से रात्रि 10 बजे तक चले इस दिव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालु उमड़े और स्टेडियम “भक्ति तीर्थ” में तब्दील हो गया।


संतों के आशीर्वचन से सजा श्याम दरबार
महोत्सव में देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित संत-महात्माओं ने पधारकर भक्तों को अपने आशीर्वचन से धन्य किया। इस दौरान पूजनीय गोपाल दास जी महाराज (मंदिर श्री काले हनुमान जी, जयपुर), बालमुकुन्दाचार्य जी महाराज (महंत हाथोज धाम, विधायक हवामहल), योगी बालकनाथ जी महाराज (महंत अबोहर अस्थल, विधायक तिजारा), अवधेशाचार्य महाराज (लोहार्गल धाम), महेंद्र सिंह चौहान (मुख्य पुजारी, खाटू धाम), रविशंकर पुजारी (सालासर धाम), पं. राजकुमार चतुर्वेदी (मंदिर श्री गीता गायत्री, गलता गेट) और पं. पंकज मिश्रा (श्री श्याम मंदिर, जयपुर) ने अपने पावन प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया।

संतों की वाणी से संपूर्ण परिसर में श्रद्धा और सौहार्द का अद्भुत वातावरण निर्मित हुआ। श्याम भजन महोत्सव में संपादक नवल किशोर शर्मा ने शिरकत कर बाबा श्याम का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर संस्था के सचिव डॉ एस पी यादव ने नवल किशोर शर्मा सहित अन्य अतिथियों का दुप्पटा ओढ़ाकर विशेष सम्मान किया।
भजन सम्राट लक्खा ने बाँधा समा
महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहे भजन सम्राट लखबीर सिंह लक्खा (मुंबई) ने अपनी स्वर लहरियों से ऐसा आलोक फैलाया कि स्टेडियम झूम उठा। उनके प्रसिद्ध भजन “मेरे शीश के दानी का”, “अरे द्वारपालों” और “श्याम चरणों में दे दो ठिकाना” पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। हर ओर “हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा” के जयकारे गूंजते रहे और भक्त भक्ति रस में डूबते चले गए।

लक्खा जी के साथ राजू खंडेलवाल (मुंबई), पप्पू बेधड़क (कानपुर), महेंद्र स्वामी, दास महेंद्र, गोपाल सेन, निशा गोविन्द शर्मा, आशीष शर्मा (आशु), मनोज शर्मा, खुशी शर्मा (झारखंड), ऋतु श्रीमाली और जय धमिजा ने भी अपने भजनों से माहौल को श्याममय बना दिया।
लकी ड्रॉ में सात भाग्यशाली भक्त हुए सम्मानित
भक्ति के बीच आयोजित “भक्ति में सौभाग्य का संगम” कार्यक्रम में सात भक्तों का चयन लकी ड्रा के माध्यम से किया गया। इन भक्तों को लखबीर सिंह लक्खा ने स्वयं अपने शुभ हाथों से सम्मानित किया।

पहले विजेता को सोने के बाबा श्याम स्वरूप का चित्र, दूसरे और तीसरे विजेता को चाँदी के राधा-कृष्ण चित्र, जबकि अन्य चार भक्तों को छोटे चाँदी चित्र भेंट किए गए। ये सम्मान केवल उपहार नहीं, बल्कि आस्था और सौभाग्य के प्रतीक बन गए।
व्यवस्थाओं में दिखा अनुशासन और सेवा भाव
भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशाल पार्किंग, प्रसाद वितरण, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई थी। कोषाध्यक्ष सुभाष मित्तल, सचिव धर्मेंद्र व्यास और सचिव कैप्टन महेन्द्र यादव ने बताया कि समिति का उद्देश्य हर श्रद्धालु को भक्ति का सुखद अनुभव देना था — और यह उद्देश्य पूर्णतः सफल रहा।
कार्यकारिणी के सामूहिक प्रयास से हुआ भव्य आयोजन
संरक्षक पवन डिडवानियाँ, अध्यक्ष निर्मल गुप्ता, महासचिव डॉ. एस. पी. यादव, उपाध्यक्ष अनिल शर्मा और मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में समिति के सभी पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यकारिणी में संजय जोशी, मनीष शर्मा, श्रवण सैनी, प्रकाश मित्तल, डॉ. संजय खंडेलवाल, वैद्य भोमराज जाखड़, डॉ. महेन्द्र ढाका, अरविन्द शेखावत, गोपाल साबू, सावित्री चौधरी, भवानी शर्मा, कौशल्या देवी, अजय अग्रवाल, सुरेश शर्मा, योगेश महर्षि, मोती लाल जांगिड़, अरविंद सिंह शेखावत और सूर्य प्रकाश पिपलोलिया का विशेष योगदान रहा।
जयपुर हुआ श्याममय
रात्रि 10 बजे तक चली भक्ति संध्या में हर चेहरा आस्था से दमकता रहा। संतों के आशीर्वचन और लक्खा की मधुर आवाज़ ने पूरे वातावरण को श्याममय बना दिया। “श्री श्याम महोत्सव 2025” ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, एकता और सेवा का सजीव प्रतीक है।
