जयपुर। नगर निगम ग्रेटर आयुक्त डॉ॰ गौरव सैनी के निर्देशानुसार दीपावली पर्व के मद्देनज़र नगर निगम ग्रेटर की अग्निशमन शाखा द्वारा 21 स्थानों पर मॉक ड्रिल करवाई गई। जिसमें विद्याधर नगर, जगतपुरा, मालवीय नगर, प्रताप नगर के विभिन्न संस्थानों, होटल, हॉस्पिटल्स जैसे सेवन एप्पल होटल, प्रताप नगर; इटरनल हॉस्पिटल, साँगानेर; ़़ऋषभ हॉस्पिटल, जगतपुरा; सृष्टि हॉस्पिटल, जगतपुरा; हारबिंगर हाइट रेज़िडेंशियल सोसायटी, मानसरोवर; ओके प्लस टॉवर, मानसरोवर; जेके लोन हॉस्पिटल, डीओआइटी सेंटर, जयपुरिया हॉस्पिटल आदि में यह मॉक ड्रिल करवाई गई।
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आपात स्थिति में बचाव के तरीके बताए गए। इसके साथ ही शुक्रवार को आयुक्त डॉ॰ गौरव सैनी सहित अतिरिक्त आयुक्त, सीएफओ समेत अग्निशमन अधिकारियों ने नगर निगम के अग्निशमन केंद्रों का निरीक्षण किया तथा दीपावली पर्व की आवश्यक व्यवस्थाओं, संसाधनों के संबंध में उचित दिशा-निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम ग्रेटर द्वारा अग्नि सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। साथ ही आपातकालीन नंबर भी जारी किए गए हैं।
आतिशबाजी के समय ध्यान में रखे जानी वाली सावधानियाँः-
- पटाखे चलाते समय हमेशा एक बाल्टी पानी और थोड़ी-सी रेत पास रखे।
- प्रयोग में लाई जा चुकी चकरी/बुझ चुकी फुलझड़ियाँ, रॉकेट जैसी आतिशबाजी सामग्री को हमेशा ही पानी की बाल्टी या सूखी रेत में डाल देंवे।
- थोडी दूर से और अपने चेहरे को अलग हटाकर पटाखे जलाएँ।
- उड़ते हुए पटाखों को घर के भीतर आने से रोकने के लिए अपने घर की खिडकियों और दरवाजों को ठीक से बन्द करें।
- केवल मानक तरीके से बनाए गये पटाखों का उपयोग करें।
- बच्चे जब पटाखे चलायें तब किसी बड़े का वहाँ उपस्थित रहना आवश्यक है।
- खुले मैदान और खुले स्थानों पर पटाखे चलाना सुरक्षित है, घास फूस से बने घरों और घास-फूस के ढेर के पास रॉकेट, फ्लॉवर पॉट और अन्य हवाईयों वाले पटाखे नहीं छोड़ने चाहिए।
- फूलझड़ी जैसे पटाखे शरीर से अलग हटकर जलाना चाहिए।
- पटाखे चलाते समय कसे हुये सूती वस्त्र पहनें। सुरक्षा के लिए जूता, चश्मा पहनें। 10. पटाखे चलाते समय बड़े लोगों द्वारा बच्चों का ध्यान रखा जाए।
- यदि दुर्घटनावश आप जल जायें तो जले हुये स्थान पर तब तक ठंडा पानी डालते रहिए जब तक दर्द कम नहीं हो जाये और डॉक्टर को दिखवाये ।
- ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय फायर बिग्रेड की सहायता लें।
- किसी समझदार व्यक्ति की अनुपस्थिति में बच्चों को कभी पटाखे नहीं जलाने दे। 14. अधजले पटाखे को दुबारा से कभी नहीं जलायें।
- मकान के बिल्कुल सटकर पटाखे नहीं जलायें।
- फर्श पर या पटाखे के समीप जलते तेल के दीये, अगरबत्ती या मोमबत्ती कभी नहीं
छोडं़े। - घर के अन्दर कभी भी पटाखे नहीं चलाने दे।
- खतरनाक और तेज आवाज करने वाले पटाखों के पास कभी भी बच्चों को नहीं जाने दे।
- संकरी जगह पर रॉकेट नहीं चलाए।
आपातकालीन स्थिति में इस नंबर पर करें फोनः-
शांत रहें/शीघ्रता करें। “देर ना करें – सभी को बाहर निकाल दें” बाहर निकलें/बाहर रहें। बाहर निकलते ही आपातकालीन सेवा के लिए नजदीक के फायर बिग्रेड को बुलायें।
आपातकालीन फोन नम्बर वी.के.आई० फायर कन्ट्रोल रूम नम्बरः-
0141-2332573 - विश्वकर्मा (कन्ट्रोल रूम) अग्निशमन केन्द्रः- 0141-2332573, 2330080
- झोटवाडा अग्निशमन केन्द्रः- 0141-2348852
- बिन्दायका अग्निशमन केन्द्रः- 0141-2240100
- 22 गोदाम अग्निशमन केन्द्रः- 0141-2211258, 2210093
- मालवीय नगर अग्निशमन केन्द्रः- 0141-5132101 2755930, 8764880030
- मानसरोवर अग्निशमन केन्द्रः- 0141-2395566, 8764879778
- सीतापुरा अग्निशमन केन्द्रः- 8764879779
- अपैरल पार्क अग्निशमन केन्द्रः- 8764880100 पर फोन करें।
