संस्कृत चलचित्र उत्सव 2025
जयपुर। फिल्म निर्माता और निर्देशक कमल मुकुट ने कहा कि रोटी कपड़ा और मकान के साथ ही एंटरटेनमेंट भी नेवर एंडिंग है। आज की युवा पीढ़ी को संस्कृत में मनोरंजक डॉक्यूमेंट्री एवं फिल्मों के प्रति रुचि पैदा की जानी चाहिए ।

राजस्थान संस्कृत अकादमी द्वारा संस्कृत चलचित्र उत्सव के अंतर्गत आज मानसरोवर स्थित संस्कृती कॉलेज में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की ऐसी फिल्मों का निर्माण किया जाना चाहिए जो भारत की संस्कृति का आधार बने ।
न्यायाधीश अनीश दाधीच ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विश्व की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक भाषा संस्कृत के विकास के लिए इस प्रकार के आयोजन की सराहना की जानी चाहिए, इससे नई पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

संस्कृत सर्जन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित इस दो दिवसीय समारोह के दूसरे दिन अपने संबोधन में राजस्थान संस्कृत अकादमी की निदेशक डॉ लता श्रीमाली ने पखवाड़े में आयोजित सभी कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रोफेसर डॉक्टर सुनीता श्रीमाली, श्याम बोथरा, प्रकुल चतुर्वेदी ओर डीआईपीआर के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर अरुण जोशी ने भी संबोधित किया।

स्वीटी दाधीच ने बताया कि इस अवसर पर अनुकरणीय कार्यों के लिए श्रीमती प्रीति पटेल,श्याम बोथरा, संपादक नवल किशोर शर्मा, सीमा खत्री, योगेश मिश्रा, संस्कृति कॉलेज के प्रिंसिपल बी एन गौड़, आलोक शर्मा, नितिन गोस्वामी, डॉ अनुपम गोस्वामी, पंकज जोशी, नेत्री बरुआ, शिल्पी चौरसिया, जयदीप शर्मा, महिमा चौधरी यतीश जांगिड़ अंकुश गुप्ता, पूजा सैनी, डॉ श्यामसुंदर शर्मा, काजल देव, प्रकुल चतुर्वेदी और मीरा बंसल को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
