जयपुर। भारतीय संस्कृति फाउंडेशन हरिद्वार द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृति कला रंग– जयपुर का आयोजन 7 से 9 सितंबर तक भव्यता से संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, संगीत एवं वाद्य कला की मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपरा की समृद्ध विविधता को प्रस्तुत किया।
विविध प्रस्तुतियों से सजी शाम
7 सितंबर को बियानी कॉलेज सभागार, विद्याधर नगर में प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, घूमर, गरबा, कालबेलिया और गढ़वाली नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गिटार और बांसुरी की संगत ने कार्यक्रम को और समरस बना दिया।
जवाहर कला केंद्र में मुख्य आयोजन
8 सितंबर को जवाहर कला केंद्र, जयपुर में कार्यक्रम का मुख्य चरण आयोजित हुआ। दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ करते हुए भारतीय संस्कृति फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती मानवी शर्मा तथा वरिष्ठ अतिथियों श्रीमती राम मोहिनी शुक्ला, विकास शर्मा, भानु प्रकाश शर्मा, अंशुमन शर्मा, कृष्णा जी, दीपक बारपेटे और दीपेश शुक्ला जी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर कला जगत के विद्वान गुरुओं और आचार्यों की प्रस्तुतियां हुईं। साथ ही, उत्कृष्ट सामाजिक योगदान देने वाले समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय स्तर की सहभागिता
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ एवं दक्षिण भारत से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों ने विशेष आकर्षण उत्पन्न किया।
जिला इकाई एवं कार्यकारिणी की घोषणा
9 सितंबर को आयोजित समीक्षा बैठक में जयपुर जिला इकाई का गठन हुआ। विकास शर्मा को जिला अध्यक्ष घोषित किया गया एवं जिला समन्वयक श्वेता सिंघल को घोषित किया। साथ ही राजस्थान प्रदेश संयोजक के रूप में दीपेश शुक्ला एवं मध्य प्रदेश प्रदेश संयोजक के रूप में दीपक बारपेटे जी के नाम की घोषणा की गई।
संस्कृति संरक्षण की दिशा में कदम
बैठक में आगामी कार्यक्रमों तथा विलुप्त होती भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नए सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने और नवीन प्रयोगों को प्रोत्साहित करने पर सहमति बनी। भारतीय संस्कृति फाउंडेशन हरिद्वार का यह आयोजन न केवल कला और संस्कृति का उत्सव रहा, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रबल बनाने की दिशा में भी एक सार्थक कदम सिद्ध हुआ।
संस्कृति कला रंग– जयपुर : भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा
