जयपुर। प्रतापगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करने के अभियान का हिस्सा है। इस बार पुलिस ने मध्य प्रदेश के जावरा में स्थित एक होटल/लॉज को फ्रीज किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है।
यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ(1) के तहत की गई है, जिसके तहत मादक पदार्थ तस्करों द्वारा अवैध रूप से कमाई गई संपत्ति को फ्रीज किया जाता है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर थानाधिकारी अरनोद हजारीलाल मीणा ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह मामला 16 दिसंबर 2024 का है, जब पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर देवल्दी गाँव में छापा मारा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस को 11.450 किलोग्राम लिक्विड एमडीएमए, 14.770 किलोग्राम अन्य लिक्विड केमिकल, 4.900 किलोग्राम केमिकल और 2.500 किलोग्राम सफेद पाउडर मिला। इसके अलावा, एमडीएमए बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी बरामद किए गए। इस मामले में याकूब खां, जमशेद और साहिल निवासी देवल्दी नामक तीन आरोपी फरार हो गए थे।
अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्ति हुई फ्रीज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी याकूब खां मादक पदार्थों की तस्करी से अवैध संपत्ति अर्जित कर रहा था। वित्तीय जांच में यह सामने आया कि उसने वर्ष 2024 में अपनी पत्नी बखमीना बी के नाम पर मध्य प्रदेश के जावरा स्थित हुसैन टेकरी क्षेत्र में एक होटल/लॉज खरीदा था। इस संपत्ति का नाम फातिमा गेस्ट हाउस है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है।
प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा तैयार किए गए फ्रीजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी और एडमिनिस्ट्रेटर सफेमा (एफओपी) एंड एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली को भेजा गया। दो बार की सुनवाई के बाद 20 अगस्त 2025 को फ्रीजिंग आदेश को स्थायी कर दिया गया। इसके बाद आज 28 अगस्त को थानाधिकारी अरनोद द्वारा संपत्ति को फ्रीज कर वहां ‘फ्रीज्ड’ का बोर्ड लगा दिया गया है। प्रतापगढ़ पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। यह ऑपरेशन एक संदेश है कि अपराधी अपनी काली कमाई से बनाई गई संपत्ति को छुपा नहीं पाएंगे।
एक साथ तीन मादक पदार्थ तस्करों की ₹2.5 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी लड़ाई को एक नए स्तर पर ले जाते हुए बाड़मेर पुलिस ने एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पहली बार, पुलिस ने एक साथ तीन कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों की अवैध रूप से अर्जित की गई ₹2.50 करोड़ की संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ (2) के तहत फ्रीज कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई में तीन आलीशान आवासीय भवन, दो प्लॉट और चार लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं, जो अपराधियों की काली कमाई का सीधा प्रमाण हैं। जिला पुलिस अधीक्षक नरेन्द्रसिंह मीना के कुशल नेतृत्व में यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय राजस्थान और महानिरीक्षक पुलिस जोधपुर रेंज के निर्देशों के बाद शुरू की गई थी। इस अभियान का उद्देश्य लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हार्डकोर अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना है।
तीन बड़े तस्करों की अवैध कमाई पर चला बुलडोजर
- गोरधनराम जाट: ₹60 लाख की संपत्ति फ्रीज
नागाणा पुलिस थाने का हार्डकोर अपराधी गोरधनराम पुत्र डुगराराम लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था, उसकी अवैध कमाई पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। थानाधिकारी जमील खां के नेतृत्व में टीम ने गोरधनराम की संपत्तियों का गहनता से ब्यौरा जुटाया। यह पाया गया कि उसने अपने गांव मातासर भुरटिया में एक आलीशान भवन बनाया था। सभी दस्तावेजों को सक्षम प्राधिकारी को भेजने के बाद, गोरधनराम की लगभग ₹60 लाख की संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश मिला। उसके खिलाफ कुल 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं। - श्याम सुंदर सांवरिया: ₹90 लाख की संपत्ति फ्रीज
सेड़वा थाना क्षेत्र के सक्रिय तस्कर श्याम सुंदर सांवरिया पुत्र लाधुराम पर 13 मामले दर्ज हैं, उसकी भी करीब ₹90 लाख की संपत्ति जब्त की गई है। थानाधिकारी दीपसिंह की टीम ने सूचनाएं एकत्रित कर पाया कि श्याम सुंदर ने अपने गांव सोमारड़ी में एक भव्य आवासीय भवन और चार वाहन एक स्कॉर्पियो, एक टवेरा, एक ट्रैक्टर और एक बोलेरो कैंपर खरीदे थे। इन सभी संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश के बाद पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। - जसवंत उर्फ जसराज उर्फ जसू: ₹1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
रीको थाना के हार्डकोर अपराधी जसवंत उर्फ जसराज उर्फ जसू पुत्र रतनाराम बायतु पनजी का निवासी है और वर्तमान में बलदेव नगर में रह रहा था, उसकी ₹1 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। थानाधिकारी मनोज सामरिया की टीम ने पाया कि जसवंत ने बाड़मेर के बलदेव नगर में अपनी पत्नी के नाम पर एक आलीशान घर और दो रिहायशी प्लॉट खरीदे थे। जसवंत पर 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। सक्षम प्राधिकारी से आदेश मिलने के बाद पुलिस ने उसकी सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया।
यह कार्रवाई न केवल इन अपराधियों के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी है कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई कोई भी संपत्ति सुरक्षित नहीं है। पुलिस का यह कदम अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने और उन्हें उनके अवैध धंधे को छोड़ने पर मजबूर करने के लिए उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीना ने कहा है कि बाड़मेर पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त सभी अपराधियों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ ऐसी ही कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी।
