जयपुर। नव इम्पीरियल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर ने अपने 5वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में समाज के विभिन्न वर्गों से लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 100 से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इस अवसर पर आसपास के कई डॉक्टरों और विभिन्न अस्पतालों के संचालकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस सामाजिक पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अरुण चतुर्वेदी, अध्यक्ष – राज्य वित्त आयोग, विशिष्ट अतिथि के रूप में मुकेश दाधीच, प्रदेश उपाध्यक्ष – भाजपा राजस्थान, मनोज मुद्गल, अध्यक्ष – अतिक्रमण निरोधक समिति, नगर निगम जयपुर हेरिटेज, प्रताप सिंह खाचरियावास, पूर्व विधायक – सिविल लाइंस, महेन्द्र यादव, SHO – शास्त्री नगर तथा मेजर बजरंग सिंह कछरेड़ा उपस्थित रहे।

हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. सचिन गुप्ता – वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन, डॉ. महेश जांगिड़ – एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जन और डॉ. शालिनी गुप्ता – सीनियर माइक्रोबायोलॉजिस्ट ने संयुक्त रूप से कहा कि “रक्तदान महादान है और स्थापना दिवस जैसे अवसर पर समाजहित में आयोजित यह शिविर हमारे हॉस्पिटल की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारा संकल्प है कि हम न केवल आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराएँगे, बल्कि समाज सेवा में भी सदैव अग्रणी रहेंगे।”
कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि नव इम्पीरियल हॉस्पिटल ने चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ समाज सेवा की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है।कार्यक्रम के दौरान सभी चिकित्सकों, स्टाफ और विशेष अतिथियों के साथ लंच का आयोजन भी किया गया, जिसमें आपसी संवाद और अनुभव साझा किए गए।
इस अवसर पर हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया कि भविष्य में हॉस्पिटल समाजहित के कार्यों में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और व्यापक किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने भी हॉस्पिटल की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां का माहौल मरीजों के लिए सकारात्मक और सहयोगी है। पांच वर्ष की इस यात्रा में अस्पताल ने कई जिंदगियां बचाई हैं और हजारों लोगों को राहत दी है। नव इंपीरियल हॉस्पिटल की यह पांचवी वर्षगांठ न केवल संस्थान के विकास की गवाही देती है, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणा भी है कि जब निजी संस्थान सामाजिक सरोकारों से जुड़कर काम करते हैं, तो उसका लाभ सीधे जनता को मिलता है।
