जयपुर। हिंदी के सर्वकालिक महत्व विषय पर दूरदर्शन केंद्र जयपुर में हिंदी राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया! कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए हिंदी के प्रोफेसर एवं समालोचक डॉ सुधीर सोनी ने कहा कि राजभाषा हिंदी आत्मियता की भाषा है और सरकारी कार्यालयों में इसका प्रयोग व प्रचलन निरंतर बढ़ रहा है। डॉ सोनी ने कहा कि हिंदी संपर्क की भाषा है जो हम सबको जोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन जैसे लोक प्रसारक माध्यम ने हिंदी के विकास में योगदान दिया है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यालय प्रमुख सतीश देपाल ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए केंद्र की राजभाषा गतिविधियों पर प्रकाश डाला! कार्यक्रम प्रमुख सीमा विजय ने अपने उद्बोधन ने कहा कि हिंदी के विकास में लोक प्रसारण माध्यम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
समाचार प्रमुख मंजू मीणा ने इस अवसर पर कहा कि भाषा की अपनी एक सुंदरता होती है और अपना एक सौंदर्य होता है जिसके कारण भाषा विशिष्टताएं लिए हुए होती है। राजभाषा अधिकारी डॉ वासुदेव शर्मा ने तिमाही के दौरान होने वाली हिंदी गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यशाला का संचालन राजभाषा अनुभाग से जुड़े कार्यक्रम अधिकारी वीरेन्द्र कुमार परिहार ने किया। कार्यशाला में निदेशक अभियांत्रिकी निलेश कुमार खंडेलवाल, उपनिदेशक (अभियांत्रिकी) पंकज भूटानी ,सहायक निदेशक (कार्यक्रम) सुरेश चंद्र मीणा, सहायक निदेशक (कार्यक्रम) राकेश जैन, सहायक निदेशक (अभियात्रिकी) मूलाराम चौधरी, महिपाल यादव, रोड़ा राम गोगड़िया ,सहायक निदेशक (समाचार) मुरारी लाल गुप्ता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रंगलाल बैरवा समेत कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
दूरदर्शन केंद्र जयपुर में हिंदी कार्यशाला का आयोजन
