21 अप्रैल 2024, रविवार को जैन धर्म के 24वे तीर्थंकर भगवान महावीर का 2623वां जन्म कल्याणक महावीर जयंती के रूप में जैन समाज द्वारा बहुत धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर मुरलीपुरा जयपुर से जैन समाज मुरलीपुरा द्वारा पूरे मुरलीपुरा क्षेत्र में भव्य रथयात्रा निकाली गई। मंदिर समिति के महामंत्री नीरज जैन ने बताया कि महावीर जयंती के इस विशेष दिवस पर श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर मुरलीपुरा में वेदी में विराजमान मूलनायक श्री महावीर भगवान के प्रथम अभिषेक, शांतिधारा धूमधाम के साथ बोली के माध्यम से संपन्न हुए। जिसे करने का सौभाग्य श्री मनोज जैन, श्री कमल जैन को प्राप्त हुआ। भगवान के जुलूस में मुरलीपुरा जैन समाज के 500 से अधिक महिला, पुरुष एवं बच्चे सम्मलित हुए। जुलूस के आगे– आगे जिनधर्म का ध्वज लहराते हुए दो छोटे बच्चे, शाश्वत जैन सुपुत्र श्री दिलीप – प्रियंका जैन एवं आर्यांश जैन सुपुत्र श्री पंकज – कशिश जैन, दो घोड़ों पर सवार होकर चल रहे थे, उनके पीछे बैंड वादक बाजे कुंडलपुर में बधाई भजन की धुन बजाते हुए चल रहे थे। बैंड के पीछे श्री महावीर पाठशाला मुरलीपुरा के 40 छोटे – बड़े बच्चे, पाठशाला की शिक्षिकाएँ मीनू जैन, प्रीति जैन, अंशु जैन के मार्गदर्शन में सफेद वस्त्रों में महावीर प्रभु की जयकार लगाते हुए चल रहे थे। उसके पीछे डी जे गाड़ी में बज रहे जैन भजनों पर सभी स्त्री – पुरुष प्रभु की भक्ति करते हुए चल रहे थे, इनके पीछे भगवान के माता – पिता के रूप में घोड़ा बग्गी में श्री रमेश चंद जैन– इंद्रा जैन, आशीष – रिद्धि जैन, रवि – रमा जैन, मालपुरा परिवार विराजमान था। जुलूस के अंतिम छोर पर भगवान का रथ चल रहा था, भगवान के रथ का सारथी बनकर उसमे सपरिवार बैठने का सौभाग्य श्री बंसीलाल जैन – मैना जैन, दीपक – नेहा जैन, दैविक जैन मालपुरा परिवार को प्राप्त हुआ। जुलूस प्रातः 7:30 बजे मुरलीपुरा जैन मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर शेखावाटी हॉस्पिटल ,केडिया पैलेस चौराहा, आर के फर्नीचर के सामने से मुरलीपुरा मेन सर्कल पर आया, वहां से चोड़ी गली से होते हुए पुनः जैन मंदिर मुरलीपुरा पर जाकर समापन हुआ। जुलूस पर जगह जगह अन्य समाज के गणमान्य बंधुओं द्वारा पुष्पवर्षा की गई।

