नई दिल्ली। संजू सैमसन की बेहतरीन 97 रनों की पारी ने भारतीय टीम को T20 विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में पहुंचा दिया है। कोलकाता के इडेन गार्डेंस में वेस्टइंडीज़ की टीम ने भारत के सामने 196 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे भारत ने 19.2 ओवर में हासिल कर लिया। T20I विश्व कप में यह भारत का सबसे बड़ा रन चेज़ है। अब सेमीफ़ाइनल में भारतीय टीम का सामना मुंबई में इंग्लैंड से होगा।
इस विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने पावरप्ले में ही अभिषेक शर्मा और इशान किशन का विकेट गंवा दिया। उस समय ऐसा लगा कि वेस्टइंडीज़ मैच पर अपनी पकड़ मज़बूत कर चुका है, लेकिन सैमसन ने पहले सूर्यकुमार यादव और फिर तिलक वर्मा एवं हार्दिक पंड्या के साथ बेहतरीन साझेदारियां कीं।
पावरप्ले में 53 रन बनाने के बाद भारत ने बीच के ओवरों में काफ़ी सूझबूझ के साथ पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने अगले चार ओवरों में 45 रन बनाए और ज़रूरी रन रेट को कभी भी हावी नहीं होने दिया। लेकिन टीम के 99 के स्कोर पर कप्तान सूर्यकुमार आउट हो गए। नौवें से 12वें ओवर के बीच भारतीय पारी थोड़ी धीमी हुई, जिसमें सिर्फ़ 13 रन बने और सूर्यकुमार का विकेट गिरा। भारत ने 11.1 ओवर में अपने सौ रन पूरे किए।
हालांकि 13वें ओवर में तिलक और सैमसन ने अच्छा काउंटर अटैक किया। अगले दो ओवरों में 32 रन बने। यहां से मैच काफ़ी हद तक भारत के पक्ष में झुक गया। 14वें ओवर में तिलक आउट ज़रूर हुए, लेकिन हार्दिक ने सैमसन का भरपूर साथ दिया। दोनों बल्लेबाज़ों के बीच 22 गेंदों में 38 रनों की साझेदारी हुई। इस बीच जेसन होल्डर ने एक्स्ट्रा कवर पर हार्दिक का कैच भी छोड़ा।
इन सबके बीच अगर सैमसन की बल्लेबाज़ी की बात करें तो यह शुरू से अंत तक शानदार रही। उन्होंने अपनी पारी की पहली 10 गेंदों में ही 20 रन बनाकर अच्छी लय हासिल कर ली थी, जिसमें अकील हुसैन के ख़िलाफ़ दो बेहतरीन छक्के और एक चौका शामिल था। अगली 10 गेंदों में उन्होंने 22 रन बनाए और यह पारी इसी निरंतरता के साथ आगे बढ़ी।
26 गेंदों में सैमसन का अर्धशतक पूरा हुआ। उनकी पूरी पारी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें स्ट्राइक रोटेशन काफ़ी ज़्यादा देखने को मिला। बड़े शॉट्स के बाद वह लगातार स्ट्राइक रोटेट कर रहे थे। इससे उनकी पारी में जोखिम का स्तर काफ़ी कम होता जा रहा था।
वहीं अगर वेस्टइंडीज़ की बल्लेबाज़ी की बात करें तो उनकी शुरुआत काफ़ी धीमी रही। पावरप्ले में उन्होंने सिर्फ़ 47 रन बनाए। हालांकि इसमें अभिषेक ने एक आसान कैच और वरुण चक्रवर्ती ने एक आसान रनआउट का मौक़ा गंवाया। इसमें कप्तान शे होप ने 25 गेंदें खेलीं और सिर्फ़ 25 रन ही बनाए। नौवें ओवर में वेस्टइंडीज़ को पहला झटका वरुण ने होप को आउट करते हुए दिया। अपनी पारी में होप ने 17 डॉट गेंदें खेलीं और 33 के निजी स्कोर पर पवेलियन लौटे।
वेस्टइंडीज़ की धीमी पारी चलती रही और 12वें ओवर में जसप्रीत बुमराह ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर उन्हें पूरी तरह बैकफ़ुट पर धकेल दिया। इसके बाद हार्दिक को भी सफलता मिली।
15 ओवर के बाद वेस्टइंडीज़ ने 125 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद कोई विकेट नहीं गिरा और कुल 70 रन बने। यह एक बेहतरीन वापसी रही। एक समय पर जिस तरह से पारी चल रही थी, ऐसा लगा कि वेस्टइंडीज़ की टीम 170 से 180 रन बनाएगी। होल्डर ने 22 गेंदों में 37 और रॉवमन पॉवेल ने 19 गेंदों में 34 रन बनाए।
सैमसन की नाबाद 97 रनों की पारी ने भारत को सेमीफ़ाइनल में पहुंचाया
