जयपुर। शीर्ष सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) में 72वें सहकार सप्ताह के समापन के अवसर पर प्रबन्ध निदेषक संजय पाठक द्वारा चालू खाताधारक मोहन खण्डेलवाल एवं क्रियांष क्रिएषन को QR Code प्रदान कर सेवाओं की शुरूआत की गई। उक्त QR Code Scan सुविधा के माध्यम से अब सहकारी बैंको के व्यावसायिक खाताधारक आमजन से डिजीटल पेमेंट के जरिये सीधे ही अपने खाते में राषि प्राप्त कर सकेंगे। खाताधारको द्वारा निरन्तर इस सेवा की मांग की जाती रही है, जिस पर विशेष ध्यान देकर बैंक द्वारा सेवा की शुरूआत की गई। इससे सहकारी बैंकों में चालू खातो की संख्या बढने के साथ-साथ डिपोजिट भी बढेगी।
कार्यक्रम का अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए प्रबन्ध निदेशक द्वारा बहुप्रतीक्षित क्यूआर कोड स्कैन सुविधा के बारे में बताया कि क्यूआर कोड सहकारिता में नई तकनीक की शुरूआत है। उन्होने बताया कि नई तकनीक किसी भी संस्था के लिये अतिआवश्यक है लेकिन तकनीक के साथ-साथ साईबर क्राइम की घटनाऐं भी निरन्तर बढ रही है। ऐसे में खाताधारक व बैंक कार्मिकों को सजग रहना चाहिए। उन्होने अखिल भारतीय सहकार सप्ताह के मनाये जाने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1953 से निरन्तर 14 से 20 नवम्बर तक सहकार सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग विषयों पर चर्चा-परिचर्चा की जाती है जिसका उद्देष्य सहकारिता में विकास को नये आयाम पहुंचाना है। पाठक ने सभी बैंक कार्मिकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे सहकारिता में अपना सर्वोत्तम देकर सहकारिता को जन-जन से परिचय कराने के साथ-साथ सहकारी बैंकों की सुविधाएं आमजन को उपलब्ध कराये जाने का प्रयास करें।
कार्यक्रम में वक्ता विनोद मिश्रा, सहायक महाप्रबन्धक, आईटी द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि डिजिटलाईजेशन के माध्यम से आमजन का काम सुविधाजनक हुआ है, लेकिन वर्तमान में साईबर क्राईम का खतरा बढ गया है। अतः ऐसी स्थिति में मोबाईल पर या ईमेल में कोई भी लिंक आने पर सोच समझकर क्लिक करें अन्यथा यह व्यक्तिगत या संस्थागत वित्तीय हानि का कारण बन सकता है।
कार्यक्रम में ललित मीणा, महाप्रबन्धक (प्रशासन) द्वारा कहा गया कि ग्रामीण एवं किसानों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने में सहकारी बैंकों का विशेष योगदान रहा है। तकनीक के विकास से कम समय में अधिक से अधिक सुविधाएंे किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है। उक्त अवसर पर पी.के.नाग, महाप्रबन्धक द्वारा कहा गया कि शाखाओं में केवाईसी और रिस्क कैटेगराईजेशन की पूर्ण पालना करते हुए साईबर सिक्योरिटी के बारे में आम ग्राहकों को जागरूक किया जाना चाहिए।
अन्त में जनसम्पर्क अधिकारी डाॅ.शिवचरण सिंह गुर्जर ने कार्यक्रम मंे पधारे सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की परिकल्पना ‘सहकार से समृद्धि‘ को साकार करने के लिये राजस्थान में सहकारिता के माध्यम से निरन्तर नई व्यवसायिक गतिविधियों की शुरूआत की जा रही है। उक्त कार्यक्रम में शीर्ष सहकारी बैंक के उप महाप्रबन्धक गण, सहायक महाप्रबन्धक गण एवं अन्य सभी कार्मिक उपस्थित रहें।
शीर्ष सहकारी बैंक द्वारा खाताधारको के लिये शुरू की QR Code Scan सुविधा
