जयपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी बाड़मेर जिले के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने गुड़ामालानी स्थित क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान संस्थान के स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित श्रीअन्न किसान मेला में भाग लिया। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने मेले का भ्रमण कर निर्माणाधीन संस्थान भवन का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद किया।
बाजरा उत्पादन और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा—
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मोटे अनाज (श्री अन्न) को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्षके रूप में मनाकर इसे वैश्विक पहचान दिलाई और बाजरे को श्श्री अन्न का सम्मानजनक नाम प्रदान किया।
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि राजस्थान प्रदेश में विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान देश में बाजरे का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। बाड़मेर जिले में बाजरे की खेती और खपत सबसे अधिक होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बाड़मेर में क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान संस्थान की सौगात दी, जिससे यहां के स्थानीय किसानों को उन्नत किस्मों, नई कृषि तकनीकों और बाजार केंद्रित रणनीतियों का लाभ मिलेगा।
श्रीअन्न से सेहत और आय दोनों में होगा सुधार—
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि बाजरा और अन्य मोटे अनाज सेहत के लिए बेहद लाभकारी हैं। ये न केवल इम्यूनिटी बढ़ाते हैं बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेंगे। अनुसंधान संस्थान में बाजरे की नई उन्नत किस्मों के विकास, खाद्य उत्पादों की विविधता और बेहतर विपणन रणनीतियों पर काम किया जाएगा।
बाजरा अनुसंधान संस्थान से किसानों को मिलेगा उन्नत किस्मों और नई तकनीकों का लाभ
