नई दिल्ली। भारत ने लगातार दूसरी बार T20 विश्व कप के फ़ाइनल में जगह बना ली है। वानखेड़े में खेले गए दूसरे सेमीफ़ाइनल में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 253 रन बनाए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें केवल सात रन से ही जीत मिली है। इसके साथ ही वे लगातार दो बार T20 विश्व कप फ़ाइनल में जाने वाली पहली टीम भी बने हैं। अंतिम तीन ओवर में इंग्लैंड को 45 रन चाहिए थे और बेथेल क्रीज़ पर मौजूद थे। 18वें ओवर में जसप्रीत बुमराह ने केवल छह रन देकर अपनी क्लास दिखाई। इसके बाद क्लच पंड्या आए जिन्होंने 19वें ओवर में केवल नौ रन देकर सैम करन का विकेट भी निकाल दिया।
इस मैच में सबसे बड़ा अंतर बुमराह ने ही पैदा किया और इस बात को मैच के बाद प्लेयर ऑफ़ द मैच संजू सैमसन ने भी स्वीकार किया। बुमराह ने पावरप्ले में एक ओवर डाला और उसी में हैरी ब्रूक (7) का बड़ा विकेट निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने 16वां और 18वां ओवर डालते हुए केवल 14 रन ख़र्च किए। ये ओवर उस समय आए जब फुटबॉल की तरह गेंद को देख रहे जेकब बेथेल क्रीज़ पर मौज़ूद थे। बुमराह ने अपने चार ओवर में केवल 33 रन दिए और इकलौते गेंदबाज़ रहे जिसकी इकॉनमी नौ से भी कम रही।
सैमसन को 15 के निजी स्कोर पर ही जीवनदान मिला था जब मिडऑन पर ब्रूक ने उनका आसान कैच गिराया था। इसके बाद उन्होंने 42 गेंदों में 89 रनों की जोरदार पारी खेल डाली। यह भी ध्यान रखिए कि भारत ने अभिषेक शर्मा के रूप में पहला विकेट केवल 20 के स्कोर पर ही गंवा दिया था। इशान किशन ने 18 गेंदों में 39 रन बनाते हुए सैमसन के साथ दूसरे विकेट के लिए केवल 45 गेंदों में 97 रनों की साझेदारी कर डाली। पहले 10 ओवर के बाद भारत ने दो विकेट के नुक़सान पर 119 रन बना लिए थे।
यहां दुबे को प्रमोट किया गया और उन्होंने इसका पूरा लाभ लेते हुए केवल 25 गेंदों में 43 रनों की शानदार पारी खेली। हार्दिक पंड्या ने 12 गेंदों में 27 और तिलक वर्मा ने केवल सात गेंदों में 21 रन बनाते हुए भारत की पारी को मज़बूत अंत दिया। भारत ने T20 विश्व कप नॉकआउट का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया था।
विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने पावरप्ले में ही फ़िल सॉल्ट, ब्रूक और जॉस बटलर के बड़े विकेट गंवा दिए थे। हालांकि, बेथेल ने बुमराह की गेंद पर छक्का लगाकर अपना खाता खोला था और अपने इरादे भी साफ़ कर दिए थे। बेथेल ने फिर पावरप्ले के आख़िरी ओवर में वरुण चक्रवर्ती को लगातार तीन छक्के जड़े। पावरप्ले में इंग्लैंड ने 68 रन बनाए जो भारत के पावरप्ले स्कोर से एक रन अधिक थे।
यहां से उन्हें विल जैक्स का साथ मिला और एक बेहतरीन साझेदारी पनपी। 10 ओवर के बाद इंग्लैंड स्कोर 119 था जो भारत के उस समय के स्कोर के बराबर ही था, लेकिन उन्होंने दो विकेट अधिक गंवाए थे। बेथेल ने 19 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया जो T20 विश्व कप में इंग्लैंड के लिए सबसे तेज़ पचासा था।
पांचवें विकेट के लिए जैक्स और बेथेल के बीच 39 गेंदों में 77 रनों की साझेदारी हुई। जैक्स ने पहली 13 गेंदों में केवल 16 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने गियर बदले और कुछ बड़े शॉट्स लगाए। इसके बाद अक्षर के शानदार प्रयास ने उन्हें वापस लौटने पर मज़बूर कर दिया। उन्होंने 20 गेंदों में 35 रन बनाए। बेथेल और सैम करन ने छठे विकेट के लिए 27 गेंदों में 50 रन जोड़ते हुए मैच को इंग्लैंड के हाथों से निकलने नहीं दिया था।
इस बीच बेथेल ने केवल 45 गेंदों में इंग्लैंड के लिए इस फ़ॉर्मेट में सबसे तेज़ शतक पूरा किया। फिर बुमराह और हार्दिक की अनुभवी जोड़ी ने लगातार दो शानदार ओवर डालते हुए मैच इंग्लैंड की पहुंच से दूर कर दिया।
फ़ाइनल में पहुंचा भारत, बेथेल का शतक गया बेकार
