चूरू पुलिस ने धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया
जयपुर। चूरू पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए डाक विभाग में फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने वाले आरोपी बसंत कुमार पुत्र रणवीर सिंह सिहाग (27) निवासी राजपुरा थाना तारानगर जिला चूरू और सह आरोपी रामफूल मीणा पुत्र कैलाश चंद्र (24) निवासी रिसानी थाना दौलतपुरा जयपुर पश्चिम को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां भारतीय डाक विभाग की शिकायत के बाद हुई, जब विभाग की आंतरिक जांच में इन अभ्यर्थियों के दस्तावेज जाली पाए गए।
जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव ने बताया कि यह मामला जुलाई 2024 की भर्ती से जुड़ा है। उस समय भारतीय डाक विभाग में साइकिल शेड्युल के तहत चयनित अभ्यर्थियों में विकास कुमार निवासी भगेला, राजगढ और बसंत कुमार निवासी राजपूरा भी शामिल थे। इन दोनों ने शपथ पत्र देकर डाक विभाग में पदभार ग्रहण कर लिया था।
जब डाक विभाग ने इनके 10वीं कक्षा के मूल दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित बोर्ड से करवाया तो दोनों की मार्कशीट फर्जी पाई गईं। इसके बाद डाक विभाग ने इन दोनों अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस थाना कोतवाली चूरू में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेन्द्र दादरवाल और वृत्ताधिकारी सुनील कुमार झाझड़िया के मार्गदर्शन एवं थानाधिकारी सुखराम चोटिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
अनुसंधान अधिकारी एएसआई वीरेन्द्र सिंह ने टीम के साथ मिलकर जानकारी जुटाई और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। टीम ने 26 अगस्त को आरोपी बसंत कुमार को उसके गांव राजपुरा से और दूसरे आरोपी रामफूल मीणा को जयपुर के चौमू से गिरफ्तार किया। रामफूल मीणा को इस मामले में सह-आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। इस सफल ऑपरेशन में पुलिस थाना कोतवाली चूरू के सहायक उप निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल मनोज कुमार और नवीन कुमार शामिल थे।
फर्जी मार्कशीट से डाक विभाग में नौकरी: 2 आरोपी गिरफ्तार
