लाखों की नकबजनी के मामलों में त्वरित कार्रवाई; 1500 सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी अनुसंधान से मिली कामयाबी
जयपुर। नागौर जिले में लगातार हो रही लाखों रुपये की नकबजनी की वारदातों पर अंकुश लगाते हुए नागौर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने अंतर्राज्यीय बावरिया गैंग के मुख्य सरगना राजेश बावरिया को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस टीम के बेहतर सामंजस्य, फील्ड इंटेलिजेंस और गहन तकनीकी अनुसंधान का परिणाम है।
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार व वृताधिकारी रामप्रताप विश्नोई के सुपरविजन में थानाधिकारी कोतवाली वेदपाल शिवराण के नेतृत्व में टीम ने यह शानदार कार्यवाही की गई।
पुलिस थाना कोतवाली में 23 सितम्बर को मुलचंद लटियाल के बंद मकान का ताला तोड़कर 14 तौला सोने के जेवरात, चांदी के जेवरात और 7 लाख रुपये की नकदी चुरा लिए गए। पुलिस टीम ने इस घटना के साथ ही नागौर में चार अन्य बंद मकानों, मेडतासिटी में एक मकान और एक दुकान के ताले तोड़ने सहित कुल 7 वारदातों के खुलासे पर ध्यान केंद्रित किया।
गिरफ्तार अभियुक्त राजेश बावरिया पुत्र लक्ष्मण उर्फ टोटाराम (19) निवासी हरिपुरा थाना नरैना हाल रोजड़ी जिला जयपुर ग्रामीण को सरहद रोजड़ी से गिरफ्तार किया गया।
1500 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले
वारदातों का जल्द से जल्द खुलासा करने हेतु गठित विशेष टीमों ने चुनौती स्वीकार करते हुए व्यापक जांच शुरू की। टीमों ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया और नागौर, मेडतासिटी, बीकानेर, अजमेर व जयपुर जिलों के करीब 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिनमें टोल प्लाजा के फुटेज भी शामिल थे। तकनीकी साक्ष्य और आसूचना संकलन के आधार पर गैंग के सदस्यों की पहचान की गई।
गहन पूछताछ और मनोवैज्ञानिक तरीके अपनाने पर अभियुक्त राजेश बावरिया ने अपनी गैंग के साथ नागौर और मेडतासिटी में चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपी बावरिया गैंग का मुख्य सरगना है। गैंग में लगभग 10-15 सदस्य शामिल हैं जो एक सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं।
गैंग के सदस्य दिन के समय आम सड़क के किनारे स्थित बंद मकानों की रैकी करते हैं। वारदात के समय फर्जी नंबर प्लेट या बिना नंबरी बाइक या गाड़ी का उपयोग करते हैं। सुने पड़े मकान में दिन के समय गैंग के 2-3 सदस्य घर के सामने वाहन खड़ा कर अंदर घुस जाते हैं, जबकि बाकी सदस्य बाहर निगरानी करते हैं। गैंग के सदस्य अपने बचाव और लोगों को डराने के लिए गिलोल, पत्थर और लकड़ी के डंडे अपने पास रखते हैं।
एसपी कच्छावा ने बताया कि राजेश बावरिया से विस्तृत अनुसंधान के दौरान नागौर, मेडताशहर, डीडवाना, बीकानेर, अजमेर, पाली, सिरोही व जयपुर की विभिन्न और भी कई वारदातें खुलने की संभावना है। नागौर पुलिस की विशेष टीमें अब इस गैंग के फरार सदस्यों की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिशें दे रही हैं।
नागौर पुलिस को मिली बड़ी सफलता: अंतर्राज्यीय बावरिया गैंग का मुख्य सरगना गिरफ्तार
