जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण में आमजन की समस्याओं के त्वरित व पारदर्शी निस्तारण हेतु संचालित ‘ई-सुनवाई’ प्रक्रिया की जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन द्वारा समीक्षा की गई।
जेडीसी ने बताया कि जेडीए द्वारा 9 फरवरी, 2026 तक 400 परिवादों की सफलतापूर्वक ई-सुनवाई की जा चुकी है। आमजन को समय पर व सुगमता से न्याय मिल सके, इसके लिए ई-सुनवाई प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने हेतु जेडीए द्वारा नवीन दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अतिरिक्त आयुक्त (पीआरएन एवं पुनर्वास) डॉ. बी.सी. बधाल ने बताया कि जेडीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक जोन एवं शाखा प्रभारी को ई-सुनवाई हेतु निर्धारित दिवस पर न्यूनतम 6 परिवादों की सुनवाई करना अनिवार्य होगा। साथ ही, ई-सुनवाई हेतु रखे गए परिवादों की प्रगति रिपोर्ट उसी दिन शाम 6:00 बजे तक आवश्यक रूप से अपलोड की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत, ई-सुनवाई में रखे जाने वाले परिवादों का चिन्हिकरण सुनवाई की तिथि से 7 दिवस पूर्व किया जाएगा तथा जोन व शाखा प्रभारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन 7 दिनों के भीतर ही चिन्हित परिवादों का निस्तारण कर दिया जाए।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्देश दिये गये है कि यदि ई-सुनवाई की तिथि तक परिवाद का निस्तारण नहीं हो पाता है, तो परिवादी को निस्तारण की आगामी तिथि से अवगत करवाया जाएगा और इस नई तिथि का अंकन अपलोड की जाने वाली प्रगति रिपोर्ट में भी करना अनिवार्य होगा।
जेडीसी ने बताया कि ई-सुनवाई हेतु पंजीकृत प्रकरणों में से विभिन्न जोनों व प्रकोष्ठों में कुल 71 प्रकरण अभी लंबित हैं। इन सभी लंबित प्रकरणों का आगामी ई-सुनवाई तिथि से पूर्व आवश्यक रूप से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आपसी समन्वय बेहतर करने के लिए प्रत्येक जोन व प्रकोष्ठ प्रभारी को ई-सुनवाई में रखे जाने वाले परिवादों की सूचना सुनवाई तिथि से दो दिन पूर्व संबंधित सलाहकार को ‘राजकाज’ पर ई-डाक के माध्यम से प्रेषित करनी होगी। इन सभी नए निर्देशों का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रत्येक उपायुक्त और शाखा प्रभारी प्राप्त परिवादों पर प्रभावी कार्यवाही करें, ताकि परिवादी को समय पर व सुगमता से न्याय मिल सके।
जविप्रा ने ई-जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाने के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश
