नई दिल्ली। एनडीए उम्मीदवार ओम बिरला बुधवार को ध्वनिमत से लोकसभा के स्पीकर चुने गए। पीएम नरेंद्र मोदी और सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी उन्हें आसंदी तक छोड़ने आए। विपक्ष ने मतदान की मांग की थी। उनके उम्मीदवार के. सुरेश थे। प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने यह मांग खारिज कर दी।
पीएम मोदी ने बिरला के नाम का प्रस्ताव रखा था। पीएम ने कहा- ओम बिरला का अनुभव देश के काम आएगा। राहुल गांधी ने कहा- मुझे विश्वास है कि आप विपक्ष की आवाज दबने नहीं देंगे।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- उम्मीद है कि विपक्ष की आवाज नहीं दबाई जाएगी। न ही निष्कासन जैसी कार्रवाई की जाएगी। आपका अंकुश विपक्ष पर तो रहता है, सत्ता पर भी रहे। आपके इशारे पर सदन चलता है, इसका उल्टा न हो।
चिराग पासवान बोले- आपने पहली बार चुनकर आए सांसदों को आपने 17वीं लोकसभा में बहुत मौके दिए। उम्मीद है, इस बार भी देंगे। आपने पिछले कार्यकाल में जो फैसले लिए, उससे लोकतंत्र मजबूत हुआ। सभी साथियों से अनुरोध है कि चुनाव हो चुका है। हम अब अपने क्षेत्रों के विकास के लिए काम करें। कई राज्य ऐसे हैं जहां स्पीकर और डिप्टी स्पीकर सत्ता पक्ष के लोगों के पास हैं, जहां NDA का शासन नहीं है।
सुप्रिया सूले बोलीं- कोविड में आपने जो काम किया, वो सराहनीय है। पांच साल में आपने बहुत अच्छा काम किया, लेकिन जब 150 लोग जब सस्पेंड हुए, तब सबको बहुत दुख हुआ। हम चाहते हैं कि सस्पेंशन न हो, सब मिलकर काम करें। बातचीत का ऑप्शन खुला रहे।
शिवसेना यूटीबी सांसद अरविंद सावंत ने कहा- देश के कई कानून तब पास हुए जब हम निष्कासित थे। हम जो दीवारे खड़ी कर रहे हैं, ये दीवारे टूटनी चाहिए। मणिपुर केस होता है, किसी के आंसू नहीं निकलते। किसान आंदोलन करते हैं, किसी को तकलीफ नहीं होती। बेरोजगार सड़कों पर धूमते हैं, लेकिन किसी को दर्द नहीं होता।
ओम बिरला फिर बने लोकसभा स्पीकर
