ठगी की सात वारदातें कबूली, सावलिया हॉस्पिटल के बाहर महिला से ठगे गये सोने के जेवरात बरामद
जयपुर/चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ में महिलाओं के साथ ठगी व चोरी की वारदात करने वाली अन्तर्राजीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए सदर थाना चित्तौडगढ एवं जिला साइबर सैल ने दिल्ली निवासी दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सावलिया हॉस्पिटल के बाहर एक महिला से ठगे गये सोने के जेवरात बरामद किये हैं। आरोपियों ने राजस्थान के जयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ व उत्तराखंड में सात वारदातें करना कबूली हैं।
एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि अस्पताल में मां-बाप को दिखाने गई डेकडीखेडा थाना पारसोली निवासी महिला ललिता मीणा को अस्पताल के बाहर तीन महिलाएं मिली। जिन्होंने उसे बताया कि उनके साथ जो लड़की है यह घर से भाग कर आई है और उसके पास काफी पैसे हैं। लड़की को बस में बैठाने की कहकर वो उसे एक लड़के के पास ले गई। जिसने लड़की के पास रखे पैसे चोरी होने की बता ललिता के पहने जेवर के बदले लड़की के पास रखे लाखों रुपए देने का ऑफर दिया।

ललिता ने उसके पहने हुए गहने रामनामी, मादलिया, मगलसुत्र, कान के टोप्स व 4 मोती सोने के खोल कर रुमाल में रख लडकी को दिये, जिसने बदले में उसे एक रुमाल दिया व कहा कि इसमें पैसे है। फिर लडकी को बस में बैठा कर आने की कह सब चले गये। काफी देर तक इन्तजार के बाद कोई नही आया तो ललिता ने रुमाल खोलकर देखा तो उसमें खाली कागज भरे हुए थे।
वारदात की गम्भीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये एएसपी परबत सिंह एवं सीओ तेज कुमार पाठक के सुपरविजन व एसएचओ सदर गजेन्द्र सिह के साथ साईबर सैल एवं सदर थाने की एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा अनुसंन्धान करते हुए तकनीकी साक्ष्य एवं सीसीटीवी फुटेज देख कर आरोपियों को नामजद कर लगातार पीछा कर दिल्ली गुडगाँव नसीराबाद अजमेर में उनके ठिकानों पर दबिश दी गई।
पुलिस ने अलग अलग हुलिया बदल कर उनके संदिग्ध ठिकानों का पता कर रैकी की, लेकिन आरोपियों को पुलिस आने का पता चल जाने से लगातार अपनी जगह बदलते रहे थे। पंजाब की तरफ फरार होने की फिराक में रेल्वे स्टेशन गुडगाँव पहुंचे। जहां पर टीम ने आरोपियों को डिटेन कर लिया। जिनके पास से रामनामी, मादलिया, मगलसुत्र, कान के टोप्स व 4 मोती सोने के बरामद किये।
तरीका वारदात
पूछताछ पर आरोपियों ने बताया कि जहा वारदात करते है उस शहर में एक दिन पहले आ जाते है और किसी गेस्ट हाउस में रुम किराये पर ले लेते है। फिर महिलाएं हॉस्पिटल वाली जगह की रैकी करती थी, ताकि बुजुर्ग महिला आसानी से टारगेट बन जाए। उस जगह पर जाकर पहले से अपने पास कागज के टुकडों की गड्डी बनाये रखती थी, जिसमें उपर व नीचे असली 500 रुपये लगाते थे। बुजुर्ग महिला को पैसों का लालच देकर उसके जेवर दूसरी थैली में रखने और उक्त पैसों की गड्डी महिला के पास रख कर उसका विश्वास जीत कर पहले से जेवर रखे जैसी दूसरी थैली उसके हाथ में थमा देकर बोलते थे, कि पैसे और तुम्हारे जेवर इस थैली में है। इसी बीच दूसरी थैली थमा कर व महिला के जेवर की थैली चेन्ज कर देती थी और फरार हो जाती थी।
गिरफ्तार आरोपी
अजमेर जिले के लौहार मोहल्ला नसीराबाद निवासी 20 वर्षीय विनोद पुत्र प्रेमचन्द बावरी, वेस्ट दिल्ली रघुवीर नगर टैगौर गार्डन निवासी दिपाली उर्फ दीपा पुत्री किशन लाल गुजराती बावरी पति विनोद बावरी व राधा उर्फ राधी पुत्री किशन लाल गुजराती बावरी पति मोती लाल बावरी।
