उदयपुर। नेहरू युवा केंद्र, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित अंतर-राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के दूसरे दिन कश्मीरी युवाओं को उदयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया गया।
दिन की शुरुआत जगदीश मंदिर के दर्शन से हुई, जहां युवाओं ने राजस्थानी स्थापत्य कला और मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता को समझा। इसके पश्चात उन्हें सिटी पैलेस का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने मेवाड़ राजघराने की समृद्ध संस्कृति और विरासत के बारे में जाना।
दोपहर के भोजन के उपरांत युवाओं को उदयपुर के प्रसिद्ध हथीपोल बाजार ले जाया गया, जहां उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान और राजस्थानी कला की झलक देखी। इसके बाद पुराने उदयपुर के अमराई घाट और गणगौर घाट का भ्रमण किया गया, जहां उन्होंने पिछोला झील की सुंदरता और शहर के ऐतिहासिक परिदृश्य का आनंद लिया।
शाम के सत्र में प्रतिभागियों को बगोर की हवेली में आयोजित संगीत एवं संस्कृति कार्यक्रम में शामिल किया गया। इस दौरान उन्होंने राजस्थानी लोकनृत्य, संगीत और कला का सजीव प्रदर्शन देखा, जिससे वे राजस्थान की सांस्कृतिक समृद्धि से प्रभावित हुए।
इस युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को न केवल पर्यटन बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और समाज से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी शुभम पुर्बिया ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं के आपसी समन्वय और भाईचारे को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
नेहरू युवा केंद्र के युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के दूसरे दिन कश्मीरी युवाओं ने उदयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जाना
