जयपुर। प्रदेश की कानून व्यवस्था को नई दिशा देने और पुलिसिंग को पूरी तरह जन-केंद्रित बनाने के लिए जयपुर ग्रामीण में आयोजित रेंज स्तरीय मीटिंग में डीजीपी राजीव शर्मा ने सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट कर दिया है कि थाना प्रभारी व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करें कि हर पीड़ित की बात तत्काल एवं पूर्ण संवेदनशीलता से सुनी जाए। साथ ही थानों में अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, वांछित अपराधियों की त्वरित धरपकड़ और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
न्याय प्रणाली को गति देने के लिए डीजीपी शर्मा ने अपराधियों को सजा दिलाने की दर को शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। अब चोरी, लूट और जबरन वसूली जैसे गंभीर मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और माल की बरामदगी के बाद चार्जशीट दाखिल करने में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों को इतनी मजबूती और वैज्ञानिक तरीके से पेश किया जाए कि कोर्ट में अपराधी का बचना नामुमकिन हो। तकनीकी मोर्चे पर भी पुलिस को अपडेट करते हुए साइबर अपराध और आईटी एक्ट & POCSO/Women Attrocity के लंबित मामलों को 60 दिनों के भीतर निपटाने की समय सीमा तय करने के निर्देश दिए गए, साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर और तत्परता से कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
डीजीपी ने नशे के कारोबार को जड़ से मिटाने के आदेश दिया है कि यदि किसी भी थाना क्षेत्र में ड्रग्स या एमडी ड्रग की फैक्ट्रियां संचालित पाई जाती हैं तो संबंधित थाना प्रभारी& Supervisory Officers के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए कालिका यूनिट को अधिक सक्रिय करने और यातायात प्रबंधन में सुधार के लिए स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद लेने की योजना बनाई।
डीजीपी ने लंबित प्रकरणों के निरंतर फॉलोअप करने और केस ऑफिसर स्कीम के तहत चिन्हित प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संतरी ड्यूटी में विशेष सतर्कता बरतने और धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश देकर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने का संकल्प लिया गया है।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने ली जयपुर रेंज की बैठक: कानून व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश
