मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जेडीए द्वारा जलभराव की समस्या का किया स्थाई निस्तारण
जयपुर। हाल ही में जयपुर में हुई भारी वर्षा के कारण उत्पन्न आपात परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा महोदय द्वारा शहरी क्षेत्रों में जलभराव, सड़क क्षति और जल स्रोतों के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति की समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक ली गई थी।
जेडीसी आनंदी ने गिरधारीपुरा कच्ची बस्ती की स्थिति के संबंध में बताया कि यह बस्ती लगभग 20 वर्ष पुरानी है और हर वर्ष वर्षाकाल में जल भराव की समस्या का सामना करती है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
गिरधारीपुरा कच्ची बस्ती के आस-पास कोई ड्रेनेज सिस्टम न होने और इस क्षेत्र का स्तर आस-पास के क्षेत्रों से नीचा होने के कारण पानी को निकालना संभव नहीं हो पाता था। इस स्थिति में, वर्षाकाल में जलभराव की स्थिति को केवल पंप द्वारा ही नियंत्रित किया जाता था। वर्तमान में, गिरधारीपुरा कच्ची बस्ती के समीप स्थित गांधी पथ पश्चिम पर सीवर लाइन का कार्य प्रगति पर है। हालांकि, गांधी पथ पश्चिम का स्तर भी गिरधारीपुरा कच्ची बस्ती के स्तर से ऊंचा है, जिससे पानी को केवल पंप द्वारा ही लिफ्ट कर सीवर लाइन तक भेजा जा सकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालना में जयपुर विकास प्राधिकरण ने इस समस्या के समाधान हेतु माननीय नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के नेतृत्व में एक पंपिंग स्टेशन के निर्माण का कार्यादेश जारी किया है। इस पंपिंग स्टेशन का कार्य दिसंबर 2025 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। इस पंपिंग स्टेशन में लगभग 2.00 लाख लीटर का स्टोरेज होगा और इसके माध्यम से भरे हुए पानी को लगभग 800 मीटर दूर गांधी पथ पश्चिम स्थित सीवर लाइन तक भेजा जाएगा। इससे उक्त क्षेत्र में जलभराव की समस्या से आमजन को राहत मिलेगी।
जयपुर विकास प्राधिकरण जलभराव की समस्या को गंभीरता से ले रहा है और स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए निरंतर प्रयासरत है। हम इस दिशा में उठाए गए कदमों से क्षेत्रवासियों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उल्लेखनीय है कि गत दिनों 02 जुलाई 2025 को माननीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ द्वारा जिला कलक्टर एवं जेडीसी के साथ स्थल का दौरा कर कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के लिए कहा था।
गिरधारीपुरा कच्ची बस्ती में जल भराव की समस्या का हुआ समाधान
