जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पूर्व आईएएस डॉ. सत्य नारायण सिंह की स्मृति में पहले व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रेजेंटेशन के जरिए डॉ. सत्य नारायण सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला गया, उन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। खास बात यह रही कि केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत तथा पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव वरिष्ठ आईएएस वी. श्रीनिवास ने ‘गुड गवर्नेंस: प्रिंसिपल और प्रैक्टिस’ विषय पर अपने विचार रखे। ओंकार सिंह लखावत, अध्यक्ष, राजस्थान राज्य धरोहर संरक्षण प्रोन्नति प्राधिकरण ने भी मंच साझा किया। आईएएस वी. श्रीनिवास ने अपने व्याख्यान में अच्छे शासन के सिद्धांत, व्यवहार और लाभ पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि अच्छे शासन का अर्थ है वह प्रणाली जिसके तहत सरकार अपने नागरिकों को प्रभावी, पारदर्शी, न्यायसंगत और जवाबदेह सेवा प्रदान करती है। यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है और सभी नीतियों और कार्यक्रमों का कार्यान्वयन सटीकता और पारदर्शिता के साथ किया जाता है। पारदर्शिता, जवाबदेही, न्यायसंगतता, प्रतिक्रियाशीलता, सहमति बनाना, कानूनी नियम, दक्षता एवं प्रभावशीलता और आमजन की भागीदारी को उन्होंने अच्छे शासन के मुख्य सिद्धांत बताया। आईएएस श्रीनिवास ने बताया कि अच्छे शासन के लिए व्यवहार में भी कुछ तत्वों को शामिल किया जाना चाहिए। इनमें सूचना का प्रावधान, समुदाय के साथ निरंतर संवाद, प्रदर्शन की निगरानी, शिकायत निवारण प्रणाली, नीति निर्माण में सहभागिता, सरकारी अधिकारियों और संगठनों को प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूक करना शामिल है। अच्छी शासन प्रणाली से देश में आर्थिक विकास, सामाजिक स्थिरता, आपसी विश्वसनीयता बढ़ती है। स्वीडन और न्यूजीलैंड जैसे देश उपरोक्त सिद्धांतों और व्यवहारों की पालना से ही अच्छी शासन प्रणाली की नजीर बन पाए हैं। आईएएस श्रीनिवास ने बताया कि डिजिटल इंडिया, आरटीआई (सूचना का अधिकार), स्मार्ट सिटी परियोजना आदि भारत में अच्छी शासन प्रणाली की दिशा में अहम प्रयास है।
